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रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)

रंगनाथ रामायण (प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रामायण - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी अनुवाद)

Ranganatha Ramayana: Complete Hindi Translation

रंगनाथ कवि (हिन्दी अनुवादक: अवधेश गुप्त) द्वारा

DevanagariHindipublished508 पृष्ठ

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रंगनाथ रामायण

ऋषि-आदिकाव्य और रसिकजनो के लिए आनंददायक होकर पृथ्वी पर विलसित इस
पुण्य-चरित्र को जो पढ़ते हैं, या सुनते हैं, उन्हें साम आदि बहुवेदो का धाम, रामनाम-
रूपी चिंतामणि की महिमा से समस्त भोग, परहित बुद्धि, उदार विचार, परिपूर्ण शक्ति,
साम्राज्य, विमल यश, नित्य सुख, धर्मनिष्ठा, दान में प्रेम, चिरायु, ऐश्वर्य तथा स्वास्थ्य,
अक्षय कल्याण, पापो का क्षय, श्रेष्ठ पुत्रो की प्राप्ति, शत्रु-नाश और धन-धान्य-समृद्धि
आदि प्राप्त होगे । उन्हें बिना किसी विघ्न-बाधा के लावण्यवती स्त्रियो का प्रेम तथा पुत्रो
के साथ जीवन प्राप्त होगा । उनके सब संकट दूर होगे । नातेदारो से उनका प्रेमपूर्ण
मिलन होता रहेगा और उनकी सब कामनाएँ पूर्ण होगी । उनके गृहो में देवता तथा
पितृ-देवताओ की तृप्ति होती रहेगी । यह (रामायण) मोक्षसाधक है, पापनाशक है,
दिव्य है, भव्य है, श्रीकर है । इसके रचयिता की श्रेष्ठ तथा शुभ उन्नति होगी और वे
इंद्र-भोगादि को प्राप्त करेंगे । जबतक कुल-पर्वत, नक्षत्र, रवि, चन्द्र तथा दिशाएँ रहेंगी,
जबतक वेद रहेंगे, पृथ्वी तथा समस्त लोक रहेंगे, तबतक यह कथा अक्षय आनंद-समूह
को देने में समर्थ होगी ।

: अयोध्याकांड समाप्त :