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रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

Autobiography of Ram Prasad Bismil

पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

पृष्ठ 24, कुल 128 में से

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पृष्ठ 24

12 रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा
था। पिताजी ने हाथ से धोती छीन ली और कहा, “घर से निकल।” मुझे भी
क्रोध आ गया। मैं पिताजी के पैर छूकर गृह त्याग कर चला गया। कहाँ जाऊँ
कुछ समझ में न आया। शहर में किसी से जान-पहचान न थी कि जहाँ छिपा
रहता। मैं जंगल की ओर चला गया। एक रात और एक दिन मैं पेड़ पर बैठा
रहा। भूख लगने पर खेतों में से हरे चने तोड़कर खाए, नदी में स्नान किया और
जलपान किया। दूसरे दिन शाम को पं. अखिलांनद जी का व्याख्यान आर्यसमाज
में था। मैं आर्यसमाज मंदिर में गया। एक पेड़ के नीचे एकांत में व्याख्यान सुन
रहा था कि पिताजी दो व्यक्तियों को लिए हुए आ पहुँचे और मैं पकड़ लिया
गया। वह उसी समय पकड़ कर मुझे हेडमास्टर के पास ले गए। हेडमास्टर साहब
ईसाई थे। मैंने उन्हें सारी बात कह सुनाई। उन्होंने पिताजी को समझाया कि
समझदार लड़के को मारना-पीटना ठीक नहीं। उन्होंने मुझे भी बहुत कुछ उपदेश
दिया। उस दिन से पिताजी ने कभी भी मुझ पर हाथ नहीं उठाया, क्योंकि मेरे घर से
निकल जाने पर घर में बहुत दुःख रहा। एक रात और एक दिन किसी ने भोजन नहीं
किया, सब बड़े दुखी हुए कि अकेला पुत्र न जाने नदी में डूब गया या रेल से
कट गया। पिताजी के हृदय को भी बहुत भारी धक्का पहुँचा। उस दिन से वह
मेरी हर बात सहन कर लेते थे। मैं काफी मेहनत से पढ़ता था और अपने दर्जे
में प्रथम श्रेणी में पास होता था। यह स्थिति आठवें दर्जे तक रही।
जब मैं आठवें दर्जे में था, उसी समय स्वामी श्री सोमदेव जी 'सरस्वती
आर्यसमाज शाहजहाँपुर में पधारे। उनके व्याख्यानों का जनता पर अच्छा प्रभाव
हुआ। कुछ सज्जनों के अनुरोध पर स्वामीजी कुछ दिनों के लिए शाहजहाँपुर
आर्यसमाज मंदिर में ठहर गए। स्वामीजी की तबियत भी कुछ खराब थी, इस
कारण शाहजहाँपुर का जलवायु लाभदायक देख कर वहाँ ठहरे थे। मैं उनके पास
आया-जाया करता था। मैंने स्वामीजी महाराज की बहुत सेवा की और इसी सेवा
के फलस्वरूप मेरे जीवन में नया परिवर्तन हो गया। मैं रात को दो-तीन बजे तक
और दिन भर उनकी सेवा करता रहा। अनेक प्रकार की औषधियों का प्रयोग