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सर्वकोश
रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

Autobiography of Ram Prasad Bismil

पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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पृष्ठ 125

Uploaded By Rajesh Tanti.

शब्दार्थ एवं टिप्पणियाँ 113

‘रेवोल्यूशनरी” तथा बंदी जीवन, विचार-विनिमय, समाज व संस्कृति आदि पुस्तकें
भी लिखी थीं। ये पर्चे तथा पुस्तकें भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन तथा क्रांतिकारियों
की विचारधारा पर बहुत अच्छा प्रकाश डालती हैं। शचीन्द्रनाथ सान्याल को
काकोरी षड्यंत्र केस में आजीवन कारावास की सजा मिली थी। इस केस में
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी की सजा दी गई थी। “देशवासियों से निवेदन” पर्चा
ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है। इसमें लिखा गया था : “क्रांतिकारी
आंदोलन आतंकवाद नहीं है, क्योंकि भारत में किसी भी क्रांतिकारी का यह
विश्वास नहीं है कि केवल आतंकवाद से ही स्वाधीनता प्राप्त हो सकती है।
यदि सरकारी अत्याचारों के विरुद्ध इक्का-दुक्का व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल का
प्रयोग करते हैं तो उसका अर्थ यह नहीं हुआ कि क्रांतिकारी निरे आतंकवाद
की लड़ाई लड़ना चाहते हैं।”
(ब) गेंदालाल दीक्षित प्रमुख क्रांतिकारी नेता थे। उन्होंने “मातृवेदी” और “शिवाजी
समिति” नामक क्रांतिकारी संगठन बनाए थे। रामप्रसाद बिस्मिल इन संगठनों के
सदस्य थे। दीक्षितजी व बिस्मिल मैनपुरी षड्यंत्र केस के अभियुक्तों में थे।
8. श्राद्ध : क्रांतिकारी आपसी पत्रव्यवहार में सांकेतिक शब्दों का प्रयोग करते थे, ताकि
पुलिस को उनके कार्यों का पता न चल जाए। यहाँ श्राद्ध शब्द का प्रयोग बैठक
के लिए किया गया है। दल में क्रांतिकारियों का नाम भी बदल दिया जाता था।
यहाँ रामप्रसाद बिस्मिल ने पत्र पर अपने गुप्त नाम रुद्र से हस्ताक्षर किए थे।
उर्दू शब्द हिन्दी में अर्थ
9. तुर्बत कब्र
10. माशूक प्रेमिका
11. एहसान उपकार
भावार्थ : यदि प्रेमिका मेरी कब्र पर फूल चढ़ाने आये तो फूल के बोझ से कब्र
दब सी जाती है। फिर भी उसका यह उपकार भी बहुत है।
12. बेवफा निष्ठाहीन
13. शहीदाने-शहीदों की इसका अर्थ है जैसे किसी मुर्गे की गर्दन
पर छुरी चला दी जाए।
14. वफ़ा निष्ठा
15. दीनो ईमां धर्म