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सर्वकोश
रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

Autobiography of Ram Prasad Bismil

पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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पृष्ठ 115

वृहत् संगठन 103
प्रभु की लीला है। सब कार्य उसकी इच्छानुसार ही होते हैं। यह परमपिता
परमात्मा के नियमों का परिणाम है कि किस प्रकार किसको शरीर त्यागना होता
है। मृत्यु के सकल उपक्रम सारे निमित्त मात्र हैं। जब तक कर्म क्षय नहीं होता
आत्मा को जन्म मरण के बंधन में पड़ना ही होता है, यह शास्त्रों का निश्चय है।
यद्यपि यह बात वह परब्रह्म ही जानता है कि किन कर्मों के परिणामस्वरूप
कौन-सा शरीर इस आत्मा को ग्रहण करना होगा किंतु अपने लिए यह मेरा दृढ़
निश्चय है कि मैं उत्तम शरीर धारण कर नवीन शक्तियों सहित अति शीघ्र ही
पुन: भारत में ही किसी निकटवर्ती संबंधी या इष्ट मित्र के गृह में जन्म ग्रहण
करूँगा, क्योंकि मेरा जन्म-जन्मांतर उद्देश्य रहेगा कि मनुष्य मात्र को सभी प्रकृति
पदार्थों पर समानाधिकार प्राप्त हो। कोई किसी पर हुकूमत न करे। सारे संसार में
जनतंत्र की स्थापना हो। वर्तमान समय में भारत की अवस्था (दशा) बड़ी
शोचनीय है। अतएव लगातार कई जन्म इसी देश में ग्रहण करने होंगे और जब
तक कि भारत के नर-नारी पूर्णतया सर्वरूपेण (हर तरह से) स्वतंत्र न हो जाएँ,
परमात्मा से मेरी यह प्रार्थना होगी कि वह मुझे इसी देश में जन्म दें, ताकि
उसकी पवित्र वाणी- "वेद वाणी" का अनुपम घोष मनुष्य मात्र के कानों तक
पहुँचाने में समर्थ हो सकूँ। सम्भव है कि मैं मार्ग-निर्धारण में भूल करूँ, पर इसमें
मेरा विशेष दोष नहीं, क्योंकि मैं भी तो अल्पज्ञ (कम जानकारी रखने वाला)
जीव मात्र हूँ। भूल न करना केवल सर्वज्ञ (सब कुछ जानने वाले ईश्वर) से ही
संभव है। हमें परिस्थितियों के अनुसार ही सब कार्य करने पड़ें और करने होंगे।
परमात्मा अगले जन्म में सुबुद्धि प्रदान करे ताकि मैं जिस मार्ग का अनुसरण करूँ,
वह त्रुटि रहित ही हो।
अब मैं उन बातों का भी उल्लेख कर देना उचित समझता हूँ, जो काकोरी
षड्यंत्र के अभियुक्तों के संबंध में सेशन जज के फैसला सुनाने के बाद घटित
हुईं। 6 अप्रैल सन् 1927 ई. को सेशन जज ने फैसला सुनाया था। 18 जुलाई
सन् 1927 ई. को अवध चीफ़ कोर्ट में अपील हुई। इसमें सज़ाएँ कुछ बढ़ीं और