रामचन्द्रिका (महाकवि केशवदास - सविस्तार सान्वय हिन्दी व्याख्या सटीक)

रामचन्द्रिका (महाकवि केशवदास - सविस्तार सान्वय हिन्दी व्याख्या सटीक)
Ramachandrika of Mahakavi Keshavdas with Commentary
महाकवि केशवदास द्वारा
DevanagariHindipublished269 पृष्ठ
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अतिदीन, मोहितऊखलमारने ॥
Wait, is there a space in "यद्यपिहै अतिदीन"?
"यद्यपिहैअतिदीन," - look at line 19:
"मू०-सोरठा ॥ यद्यपिहैअतिदीन, मोहितऊखलमारने ॥"
Line 20:
"गुरुअपराधहिलीन, केशवक्योंकरिछाड़िये ॥ ८ ॥ चन्द्र"
Line 21:
"कलाछन्द ॥ वरवाणशिखीनअशेषसमुद्रहि सोखिसखासु-"
Let's check line 1-5 (the Ram-Vijay Chhand):
राम-विजयछन्द ॥ बाँधिकैबाँध्योजोबालिबली पलनापरलै
Wait, is it "बाँधिकैबाँध्यो" or "बाँधिकै बाँध्यो"?
In line 1: "राम-विजयछन्द ॥ बाँधिकैबाँध्योजोबालिबली पलनापरलै"
सुतकोहितठाढ़े । हैयहराजलियोगहिकेशवआयोहोधुद्रजो
छिद्रनिडाढ़े । बाहेरकाढ़िदियोबलिदासिन जाइपरेउजोप-
तालकेबाढ़े । तोकोकुठारबडाईकहा कहितादशकंठकेकंठ
नकाढ़े ॥ ७ ॥
Let's