प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)
Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa
महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा
DevanagariHindipublished296 पृष्ठ
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42. सत्यसन्ध जितक्रोध २ ६
43. सम वाष्पेण १ ६
44. समुदित-बल-वीर्यम् ७ २
45 सीताभव. पातु १ १
146. सुग्रीवो भ्रशितो ६ १०
147. सुचिरेणापि कालेन ४ २६
148 सूर्य इव गतो २ ७
149. सौवर्णान् वा मृगा ५ १२
150. स्वर्ग गते नरपतौ ४ १
151. स्वर्गेऽपि तुष्टि ७ ११
152. स्वैरं हि पश्यन्तु १ २९
'ह' के 5 पद्य—
153. हत्वा रिपुप्रभव० ७ १०
154 हन्त भो सत्वयुक्ता ६ १४
155. हा वत्स राम २ ४
156. हृदय भव सकामं ३ ९
157. हृदयस्थितशोकाग्नि ६ ५