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प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa

महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा

DevanagariHindipublished296 पृष्ठ

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पृष्ठ 35

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'र' के 6 पद्य—
116. रघोश्चतुर्थो 4 9
117. राज्ये त्वामभिषिच्य 2 19
118. रामं वा शरणमुपेहि 5 18
119. रामलक्ष्मणयोर्मध्ये 2 15
120. रामेणापि परित्यक्तो 2 5
121. रेणु. समुत्पतति 7 4 .
'व' के 11 पद्य -
122. वक्तव्यं किंचिदस्मासु 3 6
123. वक्षः प्रसारय 4 16
124. वक्ष. प्रसारय कवाट 7 7
125. वनगमन निवृत्ति. 1 14
126. वयमयशसा 3 17
127. वल्कलै हृ'तराजश्रीः 3 20
128. विचेष्टमानेव 6 2
129. विलपसि किमिदं 5 19
130. विविधैर्व्यसनै. 7 8
131. वेलामिमा मत्त० 6 16
132. वैरं मुनिजनस्यार्थे 6 11
'श' के 7 पद्य—
133. शत्रुघ्न-लक्ष्मण 1 7
134. शरीरैऽरि. 1 12
135 शुल्कं विगणितम् 1 15
136 शून्यः प्राप्तो यदि 2 11
137. शोकादवचनाद् 1 16
138. श्रद्धेय स्वजनस्य 4 27
139 श्रुत्वा ते वनगमन 1 30
'स' के 13 पद्य—
140. सकृत् स्पृशामि 2 16
141. सञ्जीते सीतान 7 3