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प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa

महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा

DevanagariHindipublished296 पृष्ठ

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पात्र-परिचय
प्रतिमा नाटक में, जो रामायण की कथावस्तु से सम्बन्ध रखता है,
कुल 27 पात्र हैं। इनमे 16 पुरुष पात्र तथा 11 स्त्री पात्र है। इनके नाम
इस प्रकार है—
पुरुष पात्र
(1) सूत्रधार—नाटक का स्थापक
(2) राजा—अयोध्यानरेश महाराज दशरथ
(3) राम—राजा दशरथ के बड़े पुत्र (नायक)
( ) लक्ष्मण—राम के भाई, सुमित्रा के पुत्र
(5) भरत—राम के भाई, कैकेयी के पुत्र
(6) शत्रुघ्न—राम के सबसे छोटे भाई
(7) सुमन्त्र—राजा दशरथ के मन्त्री
(8) सूत—भरत का सारथी
(9) रावण—लका का राजा (नाटक का प्रतिनायक)
(10) वृद्ध-तापस-द्वय—रावण व जटायु के युद्ध को देखने वाले
(11) देवकुलिक—प्रतिमागृह (मन्दिर) का पुजारी
(12) तापस—दण्डकारण्य के तपस्वी
(13) नन्दिलक—तपस्वी के परिजन
(14) भट—राजपुरुष
(15) सुधाकार—प्रतिमागृह मे सफेदी करने वाला
(16) काञ्चुकीय—अन्तःपुर (रनिवास) का वृद्ध सेवक
स्त्री पात्र
(1) नटी—सूत्रधार की स्त्री
(2) कौसल्या—राम की जननी, दशरथ की पहली रानी
(3) कैकेयी—भरत की जननी, दशरथ की दूसरी रानी
(4) सुमित्रा—लक्ष्मण व शत्रुघ्न की जननी, दशरथ की तीसरी रानी
(5) सीता—राम की पत्नी (नायिका)