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प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa

महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा

DevanagariHindipublished296 पृष्ठ

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पृष्ठ 34

( 31 )
'ब' का 1 पद्य—
92. बलादेव दशग्रीवः 5 21
'भ' के 3 पद्य—
93. भग्नः शक्रः 5 17
94. भरतो वा भवेद् 1 20
95. भ्रमति सलिल 5 2
'म' के 8 पद्य—
96. मंगलार्थेऽनया 1 24
97. मद्‌भुजाकृष्ट 5 22
98. मम मातुः प्रियं 4 3
99. मम मातुश्च 3 16
100. मायया ऽ पहृते रामे 5 15
101 मा स्वय मन्यु 1 10
102. मुखमनुपम 4 8
103. मेरुश्चलन्निव 2 1
'य' के 12 पद्य—
104. य चिन्तयामि नृपतिं 4 22
105. यत्कृते महति 1 23
106. यत्सत्य परितोषितो 4 23
107. यथा रामश्च 7 15
108. यदि न सहसे 1 18
109. यस्याः शक्रसमो 1 13
110. य. स्वराज्यं परित्यज्य 6 -13
111. यावद् भविष्यति 4 24
112. युद्धे यन सुराः 5 16
113. येन प्राणाश्च राज्य 3 8
114. योऽस्या. करः 5 3
115. यो ऽहमुत्पतितो 5 20