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प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa

महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा

DevanagariHindipublished296 पृष्ठ

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पृष्ठ 33

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68. त्यक्त्वा स्नेहं 3 18
69. त्रैलोक्यं दग्धुकामेव 1 21
70. त्वया राज्यैषिण्या 3 22
'द' के 2 पद्य—
71. द्रुमा धावन्तीव 3 2
72. दैत्येन्द्र-मान-मथनस्य 4 2
'ध' का 1 पद्य—
73. धन्याः खलु वने 2 12
'न' के 7 पद्य—
74. नरपति निधन 4 18
75. नरपतिनिधनं मया 6 8
76. नागेन्द्रा दिवसा 2 2
77. नारीणा पुरुषाणां 1 11
78. नियतमनियतात्मा 5 7
79. निघृणश्च कृतघ्नश्च 4 5
80 निर्योगाद् भूषणान् 1 26
'प' के 10 पद्य—
81. पक्षाभ्या परिभूय 6 3
82. प्रतत्युत्थाय 2 3
83 पादोपभुक्ते तव 4 25
84. पतितमिव शिरः 3 3
85. पित्रा च बान्धवजनेन 6 12
86. पितुर्नियोगादह० 4 20
87. पितुः प्राणपरित्याग 3 4
88. पितुर्मे औरसः 3 19
89. पितुर्मे को व्याधिः 3 1
90. प्रख्यात-सद्गुण-गणः 6
'फ का 1 पद्य—
91. फलानि दृष्ट्वा दर्भेषु