प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)
Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa
महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( 29 )
'ग' के 6 पद्य—
46. गच्छति तुष्टिं खलु 5 5
47. गतो रामः प्रियं 2 20
48. गत्वा तु पूर्वमय० 6 7
49. गत्वा पूर्वम् स्वसैन्यै० 4 17
50. गुरोर्मे पाद 1 27
51. गोपहीना यथा गावो 3 23
'घ' का 1 पद्य—
52. घनः स्पष्टो धीरः 4 7
'च' के 2 पद्य—
53. चरति पुलिनेषु 1 2
54. चीरमात्रोत्तरीयाणाम् 1 31
'छ' का 1 पद्य—
55. छत्र सव्यजनं 1 3
'ज' का 1 पद्य—
56 जय नरवर जेयः 7 1
'त' के 14 पद्य—
57. तं स्मृत्वा शुल्कदोषं 3 11
58. तत्र यास्यामि यत्रासौ 3 24
59. तपः सग्राम कवच 1 28
60. तवैव पुत्रः 2 9
61. तातस्यैतानि 5 13
62. ताते धनुर्नमयि० 1 22
63. तीर्थोदकेन मुनिभिः 1 9
64. तेनोक्त रुदित 6 15
65. तैस्तर्पिताः सुतफलं 5 10
66. तैस्तैः प्रवृद्ध-विषयै० 7 6
67. त्यक्त्वा ता गुरुणा 5 1