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प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

प्रतिमानाटकम् (महाकवि भास - विमला संस्कृत-हिन्दी टीका एवं सविस्तार व्याख्या सहित)

Pratimanatakam of Mahakavi Bhasa

महाकवि भास (व्याख्याकार: डॉ. श्रीकृष्ण कुमार) द्वारा

DevanagariHindipublished296 पृष्ठ

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( 28 )
22. आपृच्छ पुत्रकृतकान् 5 11
23. आरब्धे पटहे 1 5
24. आशावन्तः पुरे 4 28
'इ' के 7 पद्य —
25. इद गृह् तत् 3 13
26. इद तत् स्त्रीमयं 4 14
27. इदानीं भूमिपालेन 1 4
28. इय स्वय गच्छतु 4 13
29. इय हि नीलोत्पल 6 1
30. इयमेका पृथिव्या 5 8
31. इह स्थास्यामि देहेन 4 19
'उ' का 1 पद्य—
32 उभयस्यास्ति सान्निध्य 5 9
'ए' के 3 पद्य—
33. एतदार्याभिषेकेण 7 13
34. एते ते देवताना० 3 7
35. एते भृत्या. स्वानि 2 13
'क' के 10 पद्य—
36. कमप्यर्थम् चिरम् 2 17
37. कर्णाौ त्वरा 1 8
38. कस्यासौ मद्वशतरः 4 6
39. कामं दैवतमित्येव 3 5
40. काले खल्वागता 3 12
41. कुतः क्रोधो विनीतानाम् 6 9
42. कृतान्त-शल्याभिहते 5 4
43. कृत्वा रव वीर्यसदृश 6 4
44. क्रमप्राप्ते हृते 1 19
45. क्व ते ज्येष्ठो रामः 2 14