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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 52, कुल 318 में से

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पृष्ठ 52

ब्राह्मी लिपि की उत्पत्ति. २३
सेमिटिक् वर्णमालाओं के अक्षरों का नक्शा—
समान उच्चारण वाले खरोष्ठी तथा ब्राह्मी अक्षरों सहित.
[तालिका-शीर्षक]:
१. सेमिटिक् अक्षरों के नाम तथा उच्चारण.
२. हिए-रेटिक्.
३. फ़िनिशियन्. [उप-स्तम्भ: प्राचीन. | मोअब के लेख से.]
४. हिमियरिटिक् (सेबियन)
५. अरमइक्. [उप-स्तम्भ: सक्कारा, तीमा, आदि के लेखों से. | पॅपायरसों से. | तक्षशिला के लेख से.]
६. समान उच्चारण वाले खरोष्ठी तथा ब्राह्मी अक्षर (अशोक के लेखों से). [उप-स्तम्भ: खरोष्ठी. | ब्राह्मी.]
[तालिका के अक्षर-नाम एवं उच्चारण]:
अलेफू (अ)
बेथ् (ब)
गिमेल् (ग)
दालेथ् (द)
हे (ह)
वाव् (व)
ज़ाइन् (ज़)
हेथ् (ह)
तेथ् (त)
योद् (य)
काफ़् (क)
लामेध् (ल)
मेम् (म)
नून् (न)
सामेख् (स)
आइन् (ए)
पे (प)
त्साधे (स)
कॉफ़् (क़)
रेश् (र)
शिन् (श)
तावू (त)
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri