प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 49, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ें(एल) से, 'ठ'
O (ओ) से, 'प' U (यू) से, 'क' X (ऐक्स) से और 'ओ' Z (जॅड्) से बहुत कुछ मिलता हुआ है. इस
प्रकार उर्दू के तीन और अंग्रेज़ी के दश अक्षर ब्राह्मी से आकृति में मिलने पर भी यह नहीं कहा जा
सकता कि ब्राह्मी लिपि उर्दू या अंग्रेज़ी से निकली है क्यों कि समान उच्चारण वाले एक भी अक्षर में
(सिवाय उर्दू के 'लाम्' ل और ब्राह्मी के 'ल' के) समानता, जो लिपियों के परस्पर संबंध को निश्चय
करने की एक मात्र कसौटी है, पाई नहीं जाती.
Footnotes:
१. मैक; हि. सं. लि; पृ. १६. २. डे; बु. इं; पृ. ११४.
३. बा; पं. इं; पृ. २४५. ४. रै; ए. इं; पृ. १७-१८.
Let's double-check the character in L33:
'ऊ' or 'ऊ' ⅃ or 'ऊ' 𑀊:
Wait, let's look at the character between 'ऊ' and (एल):
It's an L shape, but reversed, with a middle horizontal tick. In Unicode, that is:
Ⅎ (U+2