प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 279, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate LII.
लिपिपत्र ५१वां.
पल्लववंशी राजाओं के समय के १० लेखों और कूरम के दानपत्र से.
(ई. स. की सातवीं शताब्दी).
पल्लववंशी राजा नरसिंहवर्मन् के समय के मामल्लपुरं के छोटे छोटे ६ लेखों से.
अ अ अ ए द न न प भ य य श ह जा ळि :
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - मामल्लपुरं लेख]
पल्लववंशी राजा राजसिंह के समय के कांचीपुरं के कैलासनाथ नामक मंदिर के लेख से.
अ इ ए घ च ज थ ध न प ब भ ल व म् टा णा मा
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - कांचीपुरं लेख, पंक्ति १]
ळां ति षि रो गु दू पूहू क्ल ह खैः क्र चु ङ्क ज्ञा ञ्च र्थ्य
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - कांचीपुरं लेख, पंक्ति २]
कूरम से मिले हुए पल्लववंशी राजा परमेश्वरवर्मन् के दानपत्र से.
अ आ इ ई उ ए क ख ग घ च ज ट ड ण त थ द ध
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - कूरम दानपत्र, पंक्ति १]
न न प प फ ब भ म य र ल व श ष स ह ह ळ मा
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - कूरम दानपत्र, पंक्ति २]
सिं ती कु णु गृह क्त भृ तो हो पौ च्त च्छ ज्ञा ञ्च ण्ड्य भ र्म्म.
[पल्लव लिपि वर्णमाला रूप - कूरम दानपत्र, पंक्ति ३]
[कूरम दानपत्र का मूल पल्लव लिपि अभिलेख - पंक्ति १]
[कूरम दानपत्र का मूल पल्लव लिपि अभिलेख - पंक्ति २]
[कूरम दानपत्र का मूल पल्लव लिपि अभिलेख - पंक्ति ३]
[कूरम दानपत्र का मूल पल्लव लिपि अभिलेख - पंक्ति ४]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri