प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 277, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate L. लिपिपत्र ५०वां.
काकतीयवंशी राजा रुद्रदेव और गणपति के समय के लेखों से.
(ई. स. की १२वीं और १३वीं शताब्दी).
काकतीयवंशी राजा रुद्रदेव के अनमकोंडा के लेख से (श. सं. १०८४ = ई. स. ११६२).
अ आ इ ई उ ए ओ घ ट ठ ड ढ थ ध भ ष स ळ.
𑠀 𑠁 𑠂 𑠃 𑠄 𑠆 𑠈 ... [काकतीय-लिपि वर्णमाला]
काकतीयवंशी राजा गणपति के समय के चेब्रोलू के लेख से (श. सं. ११३५ = ई. स. १२१३).
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[काकतीय-लिपि वर्णमाला]
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[काकतीय-लिपि वर्णमाला]
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[काकतीय-लिपि वर्णमाला]
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[काकतीय-लिपि वर्णमाला]
द्रु प्रे भ्रां र्ग्यं ल्ल ष्कि श्री ष्ट्रा स्थ स्फा. ऋ. ॠ. ऌ. ऐ.
[काकतीय-लिपि वर्णमाला]
[अभिलेख पाठ पंक्ति १ - काकतीय लिपि]
[अभिलेख पाठ पंक्ति २ - काकतीय लिपि]
[अभिलेख पाठ पंक्ति ३ - काकतीय लिपि]
[अभिलेख पाठ पंक्ति ४ - काकतीय लिपि]
[अभिलेख पाठ पंक्ति ५ - काकतीय लिपि]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri