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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

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पृष्ठ 275

Plate XLVIII. लिपिपत्र ४८वां.
पूर्वी चालुक्य वंशी राजा भीम (दूसरे) और अम्म (दूसरे) के दानपत्रों से.
(ई. स. की १०वीं शताब्दी).
पागनवरं मे मिलेहुए राजा भीम (दूसरे) के दानपत्र से (ई. स. की १०वीं शताब्दी का पूर्वार्द्ध).
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ष स ह ळ त् म् णां णा ला या या ति लि रो कु
क्क क्त ग्ने जो कौ क्र त्त ण्ड त्सु ध्या र्के र्त्य र्म्मा ल्ल ४ प.
पूर्वी चालुक्य वंशी राजा अम्म (दूसरे) के दानपत्र से (ई. स. की १०वीं शताब्दी का उत्तरार्द्ध).
इ उ ए क ग ज ट त न फ म र व व श मा खि
बि कु पू भू ह्म ष्ट्र च्छ ज्ञा ट्टा न्द्र न्म न्भा न्ध र्षा ल्ल ष्णो.
स्वस्ति श्रीमत् समस्तभुवनाश्रय श्रीविजयादित्य-
महाराजाधिराज परमेश्वर परममाहेश्वर-
सर्व्वलोकाश्रय श्रीविष्णोर्व्वर्द्धन महाराजा-
धिराज परमेश्वर परमभट्टारक...
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CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri