प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 269, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate XLII.
लिपिपत्र ४२वां.
पृथिवीसेन, महासुदेव और तिवरदेव के दानपत्रों से.
(ई. स. की पांचवीं से आठवीं शताब्दी तक).
बालाघाट से मिले हुए वाकाटक वंशी राजा पृथिवीसेन (दूसरे) के दानपत्र से (ई. स. की पांचवीं शताब्दी).
च ज ट व म ल व ह ह मै म्नि ङ्गा/श ञ्झ ष्ट्रा ण्ड र्च.
[अक्षर-चिह्न]
खरिआर से मिले हुए राजा महासुदेव के दानपत्र से (ई. स. की सातवीं शताब्दी के आस पास).
अ आ उ ए क ख ग घ च ज ट ड ण त थ द ध न प फ
[अक्षर-चिह्न]
ब भ म य र ल व श ष स ह मा मा वि सी कु टु त मु
[अक्षर-चिह्न]
भू यू ह को मो लो कौ चि द्वे च्छे ज्ञा ञ्च प्र र्ण्ण द्वा × का ४ प.
[अक्षर-चिह्न]
राजीम से मिले हुए राजा तिवरदेव के दानपत्र से (ई. स. की आठवीं शताब्दी के आसपास).
अ आ इ ए ख च ज ट ड त थ फ नृ ञ्झ ज्ञा ञ्च ल श्री ष्णी.
[अक्षर-चिह्न]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति १]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति २]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति ३]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति ४]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति ५]
[राजीम ताम्रपत्र का मूल पेटीशीर्षक (Box-headed) लिपि पाठ - पंक्ति ६]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri