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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 266, कुल 318 में से

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पृष्ठ 266

Plate XXXIX.
लिपिपत्र ३६वां.
त्रैकूटक वंशी राजा दह्रसेन और गुर्जर वंशी रणग्रह तथा दद्द (दूसरे) के दानपत्रों से.
(ई. स. की पांचवीं और सातवीं शताब्दी).
पारडी से मिले हुए त्रैकूटक वंशी राजा दह्रसेन के दानपत्र से (कलचुरि सं. २०७ = ई. स. ४५६).
अ आ इ क ख ग च ज ट ण त य द ध न प भ भ म
𑀅 𑀆 𑀇 𑀓 𑀔 𑀕 𑀘 𑀚 𑀝 𑀡 𑀢 𑀬 𑀤 𑀥 𑀦 𑀧 𑀪 𑀪 𑀫
च र व श ष स ह ह्र रा लि गु वु दू भू 'ये पौ ज्ञा ण्ड.
𑀘 𑀭 𑀯 𑀰 𑀱 𑀲 𑀳 𑀳𑁆𑀭 𑀭𑀸 𑀮𑀺 𑀕𑀼 𑀯𑀼 𑀤𑀽 𑀪𑀽 '𑀬𑁂 𑀧𑁅 𑀚𑁆𑀜 𑀡𑁆𑀟𑀂
संखेडा से मिले हुए गुर्जरवंशी रणग्रह के दानपत्र से (कलचुरि सं. ३६१ = ई. स. ६१०).
अ आ इ उ ए क ख ग च ट ण त द न प ब व भ म
𑀅 𑀆 𑀇 𑀉 𑀏 𑀓 𑀔 𑀕 𑀘 𑀝 𑀡 𑀢 𑀤 𑀦 𑀧 𑀩 𑀯 𑀪 𑀫
य र ल व ष स ह जा धु दू वै यो द्य द्वै च्छि ज्ञा ज्ञ त्य श्री.
𑀬 𑀭 𑀮 𑀯 𑀱 𑀲 𑀳 𑀚𑀸 𑀥𑀼 𑀤𑀽 𑀯𑁃 𑀬𑁄 𑀤𑁆𑀬 𑀤𑁆𑀯𑁃 𑀘𑁆𑀙𑀺 𑀚𑁆𑀜𑀸 𑀚𑁆𑀜 𑀢𑁆𑀬 𑀰𑁆𑀭𑀻.
संखेडा से मिले हुए गुर्जर वंशी राजा दद्द (दूसरे) के दानपत्र से (कलचुरि सं. ३९२ = ई. स. ६४१)
अ आ इ उ ख घ च ज ट ण ण त य द ध फ व भ म र
𑀅 𑀆 𑀇 𑀉 𑀔 𑀖 𑀘 𑀚 𑀝 𑀡 𑀡 𑀢 𑀬 𑀤 𑀥 𑀨 𑀯 𑀪 𑀫 𑀭
ल ल व स क्क ङ्क च्छ ज्ञा ञ ञ ण्ड न्या द्धौ न्नि ण्णां स्य ऴ्कुं.
𑀮 𑀮 𑀯 𑀲 𑀓𑁆𑀓 𑀗𑁆𑀓 𑀘𑁆𑀙 𑀚𑁆𑀜𑀸 𑀜 𑀜 𑀡𑁆𑀟 𑀦𑁆𑀬𑀸 𑀤𑁆𑀥𑁅 𑀦𑁆𑀦𑀺 𑀡𑁆𑀡𑀸𑀁 𑀲𑁆𑀬 𑀴𑁆𑀓𑀼𑀁
[चित्रित प्राचीन अभिलेख पंक्ति १]
[चित्रित प्राचीन अभिलेख पंक्ति २]
[चित्रित प्राचीन अभिलेख पंक्ति ३]
[चित्रित प्राचीन अभिलेख पंक्ति ४]
[चित्रित प्राचीन अभिलेख पंक्ति ५]
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