प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 262, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate XXXV.
लिपिपत्र ३५वां.
हझाकोल के लेख और पुरुषोत्तमदेव के दानपत्र से.
(ई. स. की १२वीं और १५वीं शताब्दी).
हझाकोल से मिलेहुए लेख में खुदी हुई पूरी वर्णमाला (ई. स. की १२वीं शताब्दी).
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः क
[हझाकोल लिपि: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ॠ, ऌ, ॡ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, क]
ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द
[हझाकोल लिपि: ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द]
ध न प फ ब भ म य र ल व श ष स ह क्ष ओं.
[हझाकोल लिपि: ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह, क्ष, ओं]
उड़ीसा के राजा पुरुषोत्तमदेव के दानपत्र से (ई. स. १४८३).
अ उ ए क ग च ज ट ड ण त थ द ध न प भ
[ओड़िआ लिपि: अ, उ, ए, क, ग, च, ज, ट, ड, ण, त, थ, द, ध, न, प, भ]
म य र र ल व श ष स ह ह जा रा टि ति वी दु
[ओड़िआ लिपि: म, य, र, र, ल, व, श, ष, स, ह, ह, जा, रा, टि, ति, वी, दु]
पु रुं भू सू वृ डे षो पौ क्र त्त ङ्क श्च ञ्च र्गा म्हैं.
[ओड़िआ लिपि: पु, रुं, भू, सू, वृ, डे, षो, पौ, क्र, त्त, ङ्क, श्च, ञ्च, र्गा, म्हैं]
ଶ୍ରୀ ଦୁର୍ଗା ଦୁର୍ଗ୍ଗାୟୈ ନମଃ । ବୀର ଶ୍ରୀଗଜପତି (श्री दुर्गा दुर्ग्गायै नमः। वीर श्रीगजपति)
ଗଉଡ଼େଶ୍ୱର ନବକୋଟିକର୍ଣ୍ଣାଟକଲବର୍ଗ୍ଗେଶ୍ୱର (गउडेश्वर नवकोटिकर्णाटकलबर्ग्गेश्वर)
ଶ୍ରୀପୁରୁଷୋତ୍ତମଦେବ ମହାରାଜାଙ୍କର । ପୋଟେ- (श्रीपुरुषोत्तमदेव महाराजाङ्कर । पोटे-)
ଶ୍ୱର ଭଟଙ୍କୁ ଦାନ ଶାସନ ପଟା । ୨ x (श्वर भटङ्कु दान शासन पटा । २ x)
ଅଙ୍କ ମେଷ ଦି ୧୦ ଗୁଂ ସୋମବାର ଗ୍ରହଣ- (अङ्क मेष दि १० गुं सोमबार ग्रहण-)
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