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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

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पृष्ठ 256

Plate XXIX.
लिपिपत्र २९वां.
सुंगल से मिले हुए राजा विदग्ध के दानपत्र से
(ई. स. की ११वीं शताब्दी).
अ आ इ उ ए ए क ख ग ग घ घ च च ऌ ज ट ठ
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
ड ण त त थ थ द ध न न न प फ फ भ भ म म
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
य र र ल व व/ब श ष स ह त् म् म् घा जा जा या
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
पा या हा गि भि णी कु टु मु रू दूः पू भू वृ ह णं
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
दे मे यो यो यो पौ चि ग्रा ङ्गा ज्ञा ट्टा ड्डा ण्ड ण्य त्य च्त द्य
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
न्न न्न न्म र्जि र्ण र्थ र्थे र्य र्व ग्र ध्वे स्त स्था स्थि ×कु ४पु ओं.
[अक्षराकार / लिपि-चिह्न]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति १]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति २]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति ३]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति ४]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति ५]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति ६]
[अभिलेखीय मूल पाठ - पंक्ति ७]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri