प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 255, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate XXVIII. लिपिपत्र २८वां.
सराहां (चंबा राज्य में) से मिली हुई सात्यकि के समय की प्रशस्ति से.
(ई. स. की १०वीं शताब्दी.)
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
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[वर्ण-चिह्न / लिप्याकार]
[अभिलेख-पंक्ति १: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति २: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति ३: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति ४: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति ५: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति ६: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
[अभिलेख-पंक्ति ७: शारदा लिपि में सराहां प्रशस्ति का मूल पाठ]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri