प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 249, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate XXII. लिपिपत्र २२वां.
चंबा के राजा मेरुवर्मा के ५ लेखों से.
(ई. स. की आठवीं शताब्दी).
राजा मेरुवर्मा के गूंगांव के लेख से मुख्य मुख्य अक्षर.
क म ल व व श स दा षा कि ली सु त्त र्व्व श्री ओं.
[चित्र: गूंगांव के लेख के वर्ण-चिह्न]
पित्तल की मूर्तियों पर खुदे हुए राजा मेरुवर्मा के ४ लेखों से.
आ आ आ आ ए क क क क ग ग ग च ज ण ण त
[चित्र: वर्ण-चिह्न]
थ थ द द द ध ध न न न न प फ भ भ भ म य
[चित्र: वर्ण-चिह्न]
र र ल व व व/ब व श ष स स स ह ह का सा चि
[चित्र: वर्ण-चिह्न]
पी त दु दृ भू मू ष्ट्र क्त दृ दे ने मे कै तो पो
[चित्र: वर्ण-चिह्न]
क्रि त्त ग्गी न्न न्त्न न्द्र न्न र्म्मि र्म्म र्मा र्मा र्य श्री ष्ट्र X का ओं.
[चित्र: वर्ण-चिह्न]
ॐ प्रासादं मेरुसदृशं . हिमवन्मूर्द्धिः कृतं श्रुत्वा
प्रवरकर्म्मणां केरवैः समुद्गतलचितं मवमरूतम प्र-
तीतं केशिद्विवमन्वयेनः कत्रिद्भिः य तन्यानन्दो दृषद्वरु वि-
मक्योलकाटः संश्रिष्टयहककुटेरुद्देशे यटमः श्रीमेरु-
वर्म्मणस्तुरेरविकीर्त्तिरेषः मातापित्रोः भक्त्यात्मफलमु-
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