प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 167, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ें१३८ प्राचीनलिपिमाला.
ख—ती. २१ (दुर्गगण का लेख); चौ. राष्ट्रकूट गोविंद (तीसरे) के दानपत्र से; पां. ३२
(देवपारा का लेख).
ग—ती. ६; चौ. ३२. घ—नागरी के समान. ङ—ती. १६ (उष्णीषविजय-
धारणी); चौ. ३५ (हस्राकोल का लेख).
च—ती. ३४. छ—ती. १६ (उष्णीषविजयधारणी). ज—नागरी के समान.
झ—ती. १६ (उष्णीषविजयधारणी); चौ. तीसरे का रूपांतर; पां. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र).
ञ—ती. ३५ (इस्राकोल का लेख). ट—ती. २३ (जोधपुर का लेख).
ठ—दू. १६ (उज्जैन का लेख). ड—नागरी के समान.
ढ—नागरी के समान. ण—पां. कन्हेरी के लेख से; छ. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र).
त—चौ. ३३ (तर्पंडिघी का दानपत्र); पां. ३४ (हस्तलिखित पुस्तकें).
थ—चौ. ३२. द—चौ. ३२. ध—नागरी के समान.
न—नागरी के समान. प—चौ. तीसरे से बना. फ—नागरी के समान.
ब—नागरी के समान. भ—ती. १८, चौ. २३ (जोधपुर के लेख के 'भू' में).
म—नागरी के समान. य—नागरी के समान.
र—ती. ३२ (देवपारा का लेख); चौ. ३४ (वल्लभेंद्र का दानपत्र). ल—नागरी के समान.
व—नागरी के समान. श—चौ. २५ (देवल का लेख); पां. ३२ (देवपारा का लेख).
ष—नागरी के समान. स—चौ. ३२ (देवपारा का लेख). ह—नागरी के समान.
वर्तमान बंगला लिपि के स्वर मूल स्वरों से बने हैं; केवल 'ई' नागरी की नांई 'इ' से बना है.
कन्नड़ी लिपि की उत्पत्ति.
अ—दू. ४५; ती. ४७; चौ. ४६; पां. ५० (चेब्रोलू का लेख).
इ—दू. ४० (कर्कराज का दानपत्र); ती. ४५ (पुलुकेशिन् का दानपत्र); चौ. ४५. (चेंड-
लूर का दानपत्र).
ई—प. ३६ (मंदसौर का लेख); दू. पहिले से बना; ती. ४७; चौ. ५० (अनंकोँडा का लेख).
ए—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. १५; चौ. ४५ (चेंडलूर का दानपत्र); पां. ४८
(राजा अम्म का दानपत्र).
ओ—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. ५०.
क—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. ४४ (देवगिरि का दानपल); चौ. ४७; पां. ५०
(चेब्रोलू का लेख).
ख—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. १३; चौ. ४७
ग—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. ४३ (उरुकुपल्लि का दानपत्र).
घ—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. ४४ (देवगिरि का दानपत्र); चौ. ४५ (चेंडलूर
का दानपत्र); पां. ५० (अनंकोँडा का लेख).
ङ—दू. ४४ (काकुस्थवर्मन् के दानपत्र के 'ङ्गो' में); ती. दूसरे से बना.
च—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख), ती. ४६; चौ. ४८; पां. ५० (चेब्रोलू का लेख).
छ—दू. ८; ती. ४०; चौ. ५० (चेब्रोलू का लेख).
ज—दू. ४३; ती. ४७; चौ. ४८ (राजा भीम का दानपत्र).
झ—दू. ६ (वासिष्ठीपुत्र के लेख); ती. दूसरे से बना; चौ. तीसरे से बना; पां. ५०.