पाटीगणित (श्रीधराचार्य - प्राचीन संस्कृत टीका एवं प्रो. कृपाशंकर शुक्ल सविस्तार व्याख्या)

पाटीगणित (श्रीधराचार्य - प्राचीन संस्कृत टीका एवं प्रो. कृपाशंकर शुक्ल सविस्तार व्याख्या)
Patiganita of Sridharacharya with Commentary
श्रीधराचार्य (सम्पादक: प्रो. कृपाशंकर शुक्ल) द्वारा
DevanagariHindipublished337 पृष्ठ
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14. गणितं ...
15. जातस्य ...
16. तृतीयोदाहरणे न्यासः-
17. आदिर्न ज्ञायते, उ^९ ५, गच्छः ...
18. कर्म-गणितं ...
19. | ४/५ + | हतस्य ...
20. चतुर्थोदाहरणे न्यासः-
21. आदिर्न ज्ञायते, उ २+, प ...
22. (गणितं ...
23. चयस्यास्य २+ जातस्य ...
24. अथादिपदधनेषु ज्ञातेषु प्रचयाज्ञाने^१४ तदानयनार्थं करणसूत्रमार्यापरार्धमाह-
25. पदहृतफलं^१५ मुखोनं निरेकपददलहृतं^१६ प्रचयः ॥ ८६ ॥
26. फलं श्रेढीक्षेत्रोद्भवं गणितं पदेन गच्छेन हृतं^७ भक्तं मुखेनादिनोनं रहितं स(त्) पदस्य
27. निरेकस्य रूपोनकस्य दलेनार्धेन हृतं^७ भक्तं प्रचय उत्तरो भवति ।
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28. Footnote line 1
29. Footnote line 2
30. Footnote line 3
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