परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary
भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २५ )
२४५ २५ बलिदान २२६
२४६ २६ महाव्याहृति होम २२६-२२७
२४७ २७ ब्रह्मार्पणाहूति २२७
२४८ २८ विसर्जन (उद्वासन) २२७
२४९ २९ भस्मधारण आदि २२८
दशमः खण्डः सर्वसाधारणः क्रमः २२९-२७३
२५० १ सामान्य कर्माधिकार २२९-२३०
२५१ २ सन्ध्या से अर्घ्यशोधनपर्यन्त कार्यों में न्यास
को छोड़कर श्यामा की तरह कार्य विधि का
अतिदेश २३०
२५२ ३ सर्वसाधारण न्यास २३०
२५३ ४ चक्रनिर्माण २३०-२३१
२५४ ५ षडावरणी पूजा २३१
२५५ ६ सभी मन्त्रों में योजनीय बीज २३१
२५६ ७ आवाहनादि मन्त्र २३१-२३२
२५७ ८ रश्मिमाला २३२
२५८ ९ विनियोग २३२-२३३
२५९ १० रश्मिमाला के पुरुष मन्त्र २३३-२३४
२६० ११ चाक्षुषमती विद्या २३५
२६१ १२ कन्याविवाहदायिनी विद्या २३६
२६२ १३ सङ्कटहारिणी विद्या २३६
२६३ १४ जल-विपत्तिशमनी विद्या २३६-२३७
२६४ १५-१६ महाव्याधिविनाशिनी विद्या २३७
२६५ १७ प्रत्यूहशमनी महागणपतिविद्या २३७-२३८
२६६ १८ शिवतत्त्वविमर्शिनी विद्या २३८
२६७ १९ मृत्यु की भी मृत्यु (अपमृत्युनाशिनी विद्या) २३८-२३९