परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary
भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २४ )
नवमः खण्डः होमविधिः २१३-२२८
२२२ १ स्वेष्ट मन्त्र होम विधान की प्रतिज्ञा २१३
२२३ २ स्वेष्ट मन्त्र होम विधान की विधि २१३-२१४
२२४ ३ सामान्य जल से प्रोक्षण २१४
२२५ ४ रेखाओं का निर्माण २१४
२२६ ५ उनमें देवार्चन २१४-२१५
२२७ ६ स्वदेह में षडङ्ग न्यास और उन्हीं मन्त्रों
से कुण्डपूजा २१५
२२८ ७ अग्निचक्र-निर्माण, पूजन २१५-२१६
२२९ ८ अग्निप्रतिष्ठा,- ध्यान २१६-२१७
२३० ९ संविदग्नि-पातन २१७-२१८
२३१ १० इन्धन का कवचमन्त्र और आच्छादन २१८
२३२ ११ उपस्थापन २१८
२३३ १२ मन्त्रप्रयोग २१९
२३४ १३ प्रज्वालन मन्त्र २१९
२३५ १४ अग्निसंस्कार २१९-२२०
२३६ १५ परिषेचन आदि २२०-२२१
२३७ १६ साधिताग्नि-ध्यान २२१
२३८ १७ अग्निचक्र और अष्टकोणों में देवस्थापन २२१-२२२
२३९ १८ सप्तजिह्वाहुतियाँ २२२
२४० १९ कर्मशेष २२२-२२३
२४१ २० इष्टदेवताऽऽवाहन २२३
२४२ २१ चक्रदेवियों की पूजा २२३
२४३ २२ प्रधान होम धर्म २२४
२४४ २३ काम्य होम विधि २२४
२४५ २४ साधन सहित होम २२४-२२६