परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary
भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 37, कुल 320 में से
संदर्भ में पढ़ें( २३ )
१९७ ४ पराध्यान १९९-२००
१९८ ५ स्नानादि कर्म विधान २००
१९९ ६ आसन विधि २००-२०१
२०० ७ देशिक यजन २०१
२०१ ८ विघ्नोत्सारण २०१-२०२
२०२ ९ अङ्गन्यास २०२
२०३ १० चिदग्नि में सर्वतत्त्वविलापन २०२-२०३
२०४ ११ अर्घ्य के लिये मण्डलविधान २०३-२०४
२०५ १२ अर्घ्य २०४
२०६ १३ पराक्रम के मन्त्रों में योजनीय बीजमन्त्र २०४
२०७ १४ बीज-मन्त्रावयवों से न्यास २०४-२०५
२०८ १५ न्यासित देवी पूजन २०५
२०९ १६ सुधादेवी पूजन २०५
२१० १७ तत्त्वसमूह का हृदय में आनयन २०६
२११ १८ पराचक्र का उपक्रम और निर्माण २०६-२०७
२१२ १९ चक्र में देवी का आवाहन २०७
२१३ २० देवी का ध्यान २०७
२१४ २१ पूजाप्रकार २०८-२०९
२१५ २२ कृत्य शेष २०९
२१६ २३ अर्घ्य का मुख में निवेदन २०९
२१७ २४ चिदग्नि का उद्दीपन २०९
२१८ २५ ओघत्रयार्चन २१०
२१९ २६ दिव्यौघादि-कथन २१०-२११
२२० २७ बलिदान २११
२२१ २८ हवि-शेष-स्वीकरण २११-२१२