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परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary

भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished320 पृष्ठ

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( २० )
१३२ १४ मन्दिरार्चन १४३-१४६
१३३ १५ श्यामाक्रम में सभी मन्त्रों में विशेष बीजों
के प्रयोग का निर्देश १४६
१३४ १६ प्रयोगकर्त्ता के व्यक्तित्व का आकर्षक रूप १४६-१४७
१३५ १७ श्यामाचक्र-लेखन १४७
१३६ १८ सामान्यार्घ्य-विधि १४७-१४९
१३७ १९ विशेषार्घ्य-विधि १४९-१५२
१३८ २० श्रीदेवता श्रीमूर्त्ति का प्रकल्पन १५२-१५५
१३९ २१ आवरण पूजा १५५
१४० २२ पूजा में वाम और दक्ष हस्त प्रयोग में
विशेष निर्देश १५५
१४१ २३ प्रथमावरणदेवता और स्थान १५५-१५६
१४२ २४ द्वितीयावरण-पूजा १५६-१५७
१४३ २५ तृतीयावरण-पूजा १५७-१५८
१४३ २६ चतुर्थावरण-पूजा १५८
१४४ २७ पञ्चमावरण-पूजा १५९
१४५ २८ षष्ठावरण-पूजा १५९
१४६ २९ सप्तमावरण-पूजा १५९-१६०
१४७ ३० आवरण के बाहर के देव और उनके यजन १६०
१४८ ३१ सम्प्रदाय के गुरुओं की पूजा १६०-१६१
१४९ ३२ गुरुपादुका-पूजा १६१
१५० ३३ बलिप्रदान और बाला से षोडशोपचारपूजन १६१
१५१ ३४ बलि प्रकार १६२
१५२ ३५ बलिप्रदान की इतिकर्त्तव्यता १६२-१६३
१५३ ३६ सुवासिनी पूजा १६३