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सर्वकोश
परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary

भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished320 पृष्ठ

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( १९ )
११२ १७ सौभाग्यहृदय रूप पराबीज का विमर्श १२८-१२९
११३ १८ बलिप्रकार १२९
११४ १९ बलिदान मन्त्र १३०
११५ २० प्रदक्षिणादि १३०-१३१
११६ २१ शक्तिपूजा, मपञ्चक से सन्तर्पण १३१
११७ २२ चिदग्नि में हविःशेष का होम १३२
११८ २३ देवीविसर्जन, खेचरी प्रयोग और देवी का
स्वात्मसंयोजन १३२-१३३
षष्ठः खण्डः: श्यामाक्रमः १३४-१६५
११९ १ श्यामोपास्ति-विधि, परशिवेश्वरी साम्राज्ञी की
सचिवरूपा शक्ति १३४-१३५
१२० २ श्यामोपास्तिशङ्कासमाधानकारक दृष्टान्त १३५-१३६
१२१ ३ उपास्ति-विधि १३६
१२२ ४ मन्त्रभस्म-जलस्नान, वस्त्रपरिधान १३७
१२३ ५ सन्ध्या विधान १३७
१२४ ६ यागगृह प्रवेश और पूजन क्रम १३७-१३८.
१२५ ७ प्राणायाम प्रकार १३८
१२६ ८ अस्त्रमन्त्रप्रयोग और व्यापक-विधि १३७
१२७ ९ वायु, अग्नि, वरुण और धरा बीजों के प्रयोग
से देहदाहपूर्वक शिवचैतन्य का समुत्पादन १३८-१४०
१२८ १० प्राणायाम से तेजमय शरीर का प्रकल्पन् १४०
१२९ ११ षडङ्गबालासहित मातृका का मूलाधार, हृदय
और मुख में रतिप्रीतिमनोभव सहित विन्यास १४०-१४१
१३० १२ मूलविद्या का १७ भाग, उनका निर्धारित
अङ्गों में न्यास १४१-१४३
१३१ १३ पंचम न्यास १४३