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परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

परशुराम कल्पसूत्र (महर्षि परशुराम - आचार्य विद्यानिवास मिश्र सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Parasurama Kalpasutra with Vidya Niwas Mishra Commentary

भगवान् परशुराम (टीकाकार: प्रो. विद्यानिवास मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished320 पृष्ठ

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आभारी हूँ। बड़ौदा विश्वविद्यालय, बड़ौदा से प्रकाशित परशुरामकल्पसूत्र की
छायाप्रति इन्हीं की है, जिससे यह सम्पादन-कार्य मैंने किया है। श्रीविद्या के
अनुराग से आरक्त अन्तर्दृष्टि से विशिष्ट, इष्ट-कर्मनिष्ठ, कर्मण्यता के प्रतीक पुरुष
की पुष्टि पुष्कर-विष्टरा त्रिविष्टपवन्दनीया माँ महालक्ष्मी करें, यही प्रार्थना है।
इसी सन्दर्भ में श्री अनूप कुमार नागर, संचालक, श्रीजी कम्प्यूटर
प्रिन्टर्स, नाटी इमली, वाराणसी को मैं अपना विशेष हार्दक्य अर्पित कर रहा
हूँ। आपके विशिष्ट मनोयोगपूर्वक मुद्रण-प्रक्रिया के द्वारा इस महान् ग्रन्थ का
प्रकाशन एक सुखद अनुभव है। मैं इनके उत्कर्ष की कामना करता हूँ।
विदुषामनुचरः
परमहंसमिश्रः
शुद्ध-ज्येष्ठ शुक्लषष्ठी, २०५६ ए. ३६, बादशाहबाग
वाराणसी