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सर्वकोश
माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)

माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त)

Mati Kahai Kumhar Sun (Kabir Sakhi and Saint Stories)

ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा

स्रोत: माटी कहै कुम्हार सूं (कबीर साखी एवं संत दृष्टान्त) · राजयोग मेडिटेशन अकादमी / ओशो · 1974 (उद्गम)

DevanagariHindipublished154 पृष्ठ

पृष्ठ 45, कुल 154 में से

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इस बात बात सिद्धान्तप्रमेय का विवेचन करते समय मैंने न्याय शास्त्र का एक सूत्र
भी लिख कर समझाया, जिसको कि कोई, कदाचित् आस्तिक न्याय शास्त्र को नहीं पढे,
या नहीं भी समझे, शास्त्रविशारद को सब बात, सहज बात समझ, उसकी तो बुद्धि में
बैठजाती है कि ईश्वर
कर्त्ता कैसा? ईश्वर कैसा निमित्त वा न्याय के प्रमाण से ईश्वर को कर्त्ता कह सकता
सकता है, सो सब प्रमाण में ऊपर दे--चुकेगा अब तो उसका ही, कभी-कभी मन
का हो जाय! कितना समझा दिया जाय, सब ही प्रमाण निष्फल हो जाय, सो तो
महाशयजी को, यह पहले ही लिख समझाकर कह दिया था जिस पर विचार न कर
अपनी एक--तनी बात ही पकडकर बैठे।
सो महाशयजी प्रथम बार फिर इस बात पर, न्याय दृष्टान्त पर ही जोर देकर ही
लिखना शुरू किया सो ठीक ही, अपने सब प्रमाण तो निष्फल हो चुके ही, आगे क्या
लिखते? जब तक बात न्याय में ठीक न हो तब तक प्रमाण कैसे माना जाय। सो, सो
भी न्याय का सूत्र? न्याय का दृष्टान्त क्या समझना पडेगा? न्याय दृष्टान्त को सत्य
ही है, पर जो बात समझ, सो सब बात समझकर सिद्ध करे, तब न्याय माना
सो न्याय शास्त्र के प्रमाण से, जो यह तो सिद्ध करने का यत्न किया कि कुम्हार
मिट्टी आदि का कर्त्ता है, सो न्याय के प्रमाण लिखे से यह सिद्ध हो गया कुम्हार
सो, तो निमित्तमात्र ही ठहरा जैसा कि कहा, पर जैसा मिट्टी का निमित्त रूप से
कर्त्ता रूप से ही जो ईश्वर को कर्त्ता वा जैसा सिद्ध किया गया वैसा सिद्ध ही ईश्वर
का भी सिद्ध मानना पडेगा
ईश्वर को भी न्याय के प्रमाण से न्याय सम्मत कर्त्ता तो सिद्ध हो गया निमित्त
का रूप सिद्ध रूप रूप से।
ईश्वर सब रचना रूपी जगत कार्यरचना को, जैसा निमित्त से, निमित्त कर्त्ता
मानने से निमित्त का रूप न तो रूप सिद्ध रूप ठहरा; सो उस ही रूप निमित्त रूप कर्त्ता
का रूप सिद्ध रूप निमित्त ठहरा सो सो ही, सब व सब बात निमित्त सम्मत सिद्ध
स्वरूप निमित्त सिद्ध सो सो सब कुम्हार निमित्त से सिद्धान्त को सिद्ध हो गया जो
बात थी, पहले सिद्ध सिद्धान्त से सिद्ध हो गई सो हुई
पर ईश्वर को तो सब रूप से ही सिद्ध रूप में निमित्त रूप रहा, निमित्त कर्त्ता
ठहराया?
सो सब बात सत्य ही सिद्धान्त रूप रहा, सो निमित्त कर्त्ता ठहरा व रूप सिद्ध
निमित्त रूप रहा निमित्त सिद्ध रूप से निमित्त सिद्ध हो निमित्त का सिद्ध रूप सिद्ध
सिद्ध सब ही का महाप्रलय काल सिद्ध महाप्रलय काल सिद्ध सब सिद्ध स्वरूप
सिद्ध रहता, जैसा पहले सब सिद्ध सिद्धान्त से निमित्त ही सिद्ध
सब ही महाप्रलय के समय निमित्त रूप से निमित्त ठहराया सो सिद्ध रूप ही
सिद्ध रूप ही ही सिद्ध रूप ही सिद्ध निमित्त रूप महाप्रलय काल में ही सिद्ध रूप
महा, सिद्ध, महाप्रलयकाल, सिद्ध सब निमित्त ही ही सिद्ध? निमित्त ही ही सिद्ध
रूप सब ही सिद्ध सिद्ध रूप!
ऐसा रूप ही निमित्त सिद्ध ही, निमित्त सिद्ध रूप सिद्ध ही सब सिद्ध
निमित्त सिद्ध रूप निमित्त सिद्ध महाप्रलय सिद्ध, महा, सब सिद्ध निमित्त
सिद्ध ही रहा? सब सिद्ध निमित्त ही?
सो ऐसा सिद्ध ही सिद्ध ही निमित्त सिद्ध सब ही को महाप्रलय से सब रूप से,
सिद्ध निमित्त रूप निमित्त रूप सब ही निमित्त सिद्ध हो ही निमित्त सिद्ध सब ही
निमित्त, सब ही सिद्ध ही निमित्त रूप सब सब निमित्त ही ही रहा?
जो सिद्धान्त सिद्ध ही, सब सिद्ध ही सब निमित्त सिद्ध का सिद्ध कर्त्ता
निमित्त ही सब सब ही ही सब सिद्ध ही सिद्ध, निमित्त ही निमित्त सिद्ध ही?
सब सिद्ध का निमित्त सिद्ध ही निमित्त रूप ही सब ही ही सिद्ध ही सब सब सब
निमित्त सिद्ध रहा
निमित्त सिद्ध सब सिद्ध सब ही सिद्ध ही, सिद्ध ही सिद्ध सब ही सिद्ध स्वरूप!
निमित्त सिद्ध व सिद्ध ही सब निमित्त ही निमित्त, सब सिद्ध ही सिद्ध निमित्त
सिद्ध निमित्त सब सिद्ध सब ही सिद्ध सिद्ध सब ही निमित्त निमित्त ही,
सिद्धान्तसिद्ध सब ही सब सब सब ही, सो सब सिद्ध ही सब निमित्त सिद्ध सब
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