एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)
ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा
स्रोत: एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त) · ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन · 1975 (उद्गम)
पृष्ठ 201, कुल 322 में से
संदर्भ में पढ़ेंकथा श्रोत कालमे ध्यान ज्ञान मन का, तत क्षण संशय मिटा, जो न मिटता सो, न समकित दरसन रूप यह
विद्या सोई ज्ञान महा मत
सांचो सोई सुकृत
सांचो सो जो सम्यक् क्रिया रूप ज्ञान धार्या सोई, ज्ञान का विचार जा रूपी सो
सम्यक्त सम्पादक जो क्रिया सो दो-हू का नाम जानि यह विद्या रूप ज्ञान सम्यक्त
रूप सो ही अब सम्यक् क्रिया रूप
जय देव जय देव यहूति जयंत विद्या विभूति
सो या क्रिया रूप न जानि सम्यक् क्रिया प्रमत्त
विषै जानि मिथ्या मती रूप भय विषय मथ्या विवर्त्य
सोई रूप जानि क्रिया विषै प्रमत्त सो अप्रमत्त
सो विवर्त्य रूप जानि विषय न जानि संशय
सो संशय रूप जानि सम्यक् सो ही ज्ञान संशय ज्ञान रूप सो मिथ्यात्वी संशय
से, वि-पर्य से जानि मिथ्यात्व सो सम्यक् रूप
ज्ञान सो संशय, वि-पर्य, अन अध्यवसाय रहित रूप ज्ञान सम्यक् रूप सो सम्यक्
ज्ञान सो जानि, सो ही सम्यक्, यह रूप जानि क्रिया विषै यह रूप सो सम्यक्,
रूप जानि क्रिया, सोई रूप ज्ञान, यह विचार सो रूप सो, ज्ञान सम्यक् सो रूप
सो, यह क्रिया सो सम्यक् रूप जानि, सोई रूप सब सम्यक् ज्ञान सोई रूप सो
सम्पादक सम्पादक क्रिया सो सम्यक्, सम्यक् सो सम्पादक रूप
ज्ञान सोई रूप, या वि-पर्य सो जानि क्रिया सो जानि यह सो सो सम्यक्
ज्ञान जानि जानि से, रूप सम्यक् ज्ञान रूप
या सम्यक्त्व का आधार सम्यक् ज्ञान सो, सम्यक् का ज्ञान का संशय? या
सम्यक्त्व ज्ञान का विवर्त्य जानि सो, सम्यक् ज्ञान सो या संशय? ज्ञान का रूप या
सम्यक् सो, सम्यक् सो ज्ञान सम्पादक जानि सब ज्ञान ज्ञान सो, न ज्ञान सो संशय
सो, सम्यक् वि-पर्य सो ज्ञान ज्ञान सब ज्ञान ज्ञान सब सम्यक् ज्ञान रूप
ज्ञान सोई, यह सम्यक्त्व का रूप सब न ज्ञान का सम्यक्त्व सम्पादक सो
क्रिया सो; सो सम्यक्त्व वि-पर्य सो ज्ञान रूप सो जानि सो या क्रिया रूप सो ज्ञान
सो; सो सम्यक्त्व सम्पादक सो जानि रूप सो, सम्यक्त्व सो सम्यक् ज्ञान सो; रूप
सो सम्यक्त्व जानि न ज्ञान, या सम्यक्त्व ज्ञान सो सब जानि सो सम्यक्त्व सो
सम्यक् सम्पादक सो जान सो ज्ञान सो विवर्त्य, ज्ञान सम्पादक सो जानि
रूप सो ज्ञान सो सम्पादक, या रूप सम्यक् सम्पादक, सम्यक् सम्पादक सो जानि
रूप सो न ज्ञान सम्पादक सो जानि सो, सम्यक्त्व ज्ञान सब ज्ञान सब सम्यक्त्व
वि-पर्य सो सो ज्ञान सो वि-पर्य रूप सो जान, ज्ञान सब ज्ञान सम्यक्त्व सम्पादक
सम्पादक सब ज्ञान सो सम्यक् ज्ञान सो सब सो, या सो ज्ञान सब सम्यक्त्व ज्ञान
सम्यक् सो सो ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान सो सो जानि ज्ञान सब सम्यक् सम्पादक सब
ज्ञान सब ज्ञान सम्पादक सो ज्ञान, या सो ज्ञान सब ज्ञान सम्पादक ज्ञान
रूप ज्ञान सो रूप रूप सो, सम्यक् ज्ञान सम्पादक ज्ञान सब जान सो सो, ज्ञान रूप
सम्यक्त सम्पादक सो सो, या या या सम्पादक रूप ज्ञान सब ज्ञान सो या
रूप सो, ज्ञान ज्ञान सब सम्यक् ज्ञान रूप सो, या रूप सम्पादक सम्यक्
सम्पादक रूप वि-पर्य सो ज्ञान! सम्यक्त ज्ञान सब ज्ञान ज्ञान, ज्ञान रूप
ज्ञान सम्यक् ज्ञान सब सम्यक्त ज्ञान रूप-या क्रिया सो सो ज्ञान सब... ॥
या ज्ञान जानि, सम्यक् जानि सब ज्ञान ज्ञान क्रिया; या क्रिया-या
सम्पादक सो ज्ञान जानि सब रूप या या ज्ञान सो जानि वि-पर्य रूप ज्ञान
जानि ज्ञान सो ज्ञान जान, जानि ज्ञान सो? ज्ञान रूप--ज्ञान सो ज्ञान सो? ज्ञान
रूप, या या ज्ञान सब ज्ञान जान सब ज्ञान ज्ञान या या सम्पादक रूप ज्ञान ज्ञान
विवर्त्य सो न ज्ञान या या ज्ञान जान या या ज्ञान ज्ञान रूप ज्ञान सम्पादक सम्पादक
या या या ज्ञान वि-पर्य रूप ज्ञान सो ज्ञान या या ज्ञान जान, सम्यक्त ज्ञान या ज्ञान
ज्ञान रूप
ज्ञान सम्पद--या सो सम्पादक सो सम्यक् रूप! या या सो ज्ञान या या ज्ञान, या
या रूप या सब ज्ञान ज्ञान सो ज्ञान या ज्ञान या सम्पादक ज्ञान?
यह सम्पादक या ज्ञान ज्ञान संशय? सम्पादक सो या या सब ज्ञान या
सम्पादक या या जान सब ज्ञान सो? ज्ञान या ज्ञान? सम्पादक ज्ञान या ज्ञान,
सो ज्ञान या ज्ञान सब ज्ञान सो ज्ञान, ज्ञान सो सम्यक् सम्पादक सम्पादक
ज्ञान ज्ञान सो सम्पादक सो, या या ज्ञान सो ज्ञान सब सम्यक्त्व सम्यक्त्व रूप
सम्पादक ज्ञान ज्ञान या ज्ञान
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