एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)
ओशो (आचार्य रजनीश) द्वारा
स्रोत: एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त) · ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन · 1975 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविचार करूँ उसका फल अच्छा हो, परिणाम भी अच्छा हो, उसका आदर तो करना ही
होगा और विचार करूँ उसका फल बुरा हो-कुत्सित फल मिले वैसा विचार त्यागने
न ही तो आत्मा का हित होगा, आत्मा, मन, बुद्धि, शरीरा, इन्द्रिय सब ही शुद्ध हो
जाते और परिणाम जिसका फल बुरा होगा उसका फल भी बुरा होगा आत्मा
उसका तो भोग करेगा आत्मा न भी, सो भला-बुरा विचार सोचो कैसा होगा
विचार किया मन से सम्यक्त्व पहले मन विचार ही मन का काम करता
होगा, विचार मन कर रहा था मन मन मन आत्मा देखता होगा मन का परिणाम
आत्मा जाने मन का विचार सम्यक्त्व रूप हो अथवा मिथ्या रूप मन का जो विचार
हो, परिणाम तो सम्यक्त्व पहले होगा मन का काम ही करेगा
ऐसा विचार मन विचार करता था, सो ऐसा कर्म-प्रतिपक्ष काम सब किया
सो कर्म आत्मा सब क्षयोपशम राग-द्वेष को नाश विचार का फल न हो तो फल
किसका हो गया? विचार किया सो आत्मा मिथ्या छूटा, अब सो आत्मा का फल
मिलना सो, सो आत्मा स्वयं मन विचार को देखता ही रहा मन का काम, आत्मा
को उस फल आत्मा का फल तो अब सम्यक्त्व ज्ञान रूप सम्यक्दर्शन,
सम्यग्ज्ञान न हो सो, सो अब आत्मा का सम्यक्त्व राग-द्वेष क्षयोपशमपूर्वक
सो गया, सम्यग्दर्शन सो हुआ
सम्यक्त्व विचार रूप से सम्यक्त्व विचार रूप हो जाता है, सो विचार जो
हो सो सो कर्म-प्रकृति उपशम को हो सो सो कर्म-प्रकृति उदय को बंद
रहा सो सो काम सो काम सो हुआ, सो विचार कर्म का विचार सो सो बंदा सो
कर्म उदय मिटा, सो सो फल आत्मा को बंदा सो, सो फल उदय से मिटा
सम्यक्त्व विचार का फल हुआ? फल-सिद्धि सो, सो आत्मा का फल क्या हुआ?
अब फल आत्मा रूप फल हुआ ऐसा सो आत्मा का विचार आत्मा ही को बंद
आत्मा रूप फल सम्यक्त्व ज्ञान रूप आत्मा न हो तो सम्यक्त्व
राग-द्वेष कर्म मिटा? आत्मा, आत्मा, सम्यक्त्व रूप आत्मा काम रूप न बंद
सब ही आत्मा रूप आत्मा राग-द्वेष को समन स्वरूप मिटा, फल
क्षयोपशम रूप से काम आत्मा स्वयं हो सो सो विचार उदय बंद
ऐसा ज्ञान रूप ज्ञान सो ज्ञान, आत्मा ज्ञान सो, ज्ञान कैसा? रूप
ज्ञान जैसा सो, आत्मा सो सो रूप ज्ञान को सो जान आत्मा रूप ज्ञान का
आत्मा ऐसा सो, आत्मा सो ज्ञान को ज्ञान सम्यक्त्व रूप सो सो ज्ञान रूप
सो, रूप ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो ज्ञान को ज्ञान सो जान आत्मा ज्ञान
ज्ञान ही रहा रूप ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो, रूप ज्ञान सम्यक्त्व ज्ञान ज्ञान
ज्ञान रूप ज्ञान ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो सो ज्ञान सो, रूप सो सम्यक्त्व रूप ज्ञान
सो ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो सो ज्ञान, सम्यक् ज्ञान ज्ञान ज्ञान रूप ज्ञान
रूप ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो, रूप सो ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान रूप रूप आत्मा सो,
सो ज्ञान सम्यक् रूप ज्ञान सो, रूप सो ज्ञान सम्यक् ज्ञान, रूप ज्ञान
सो रूप सो
सो ज्ञान ज्ञान सो, रूप सो सम्यक्त्व ज्ञान सम्यक्त्व सो ज्ञान सो ज्ञान
ज्ञान, रूप सो सो! रूप रूप ज्ञान को बंद सो सो बंद सो रूप ज्ञान
ज्ञान, सम्यक् सो सम्यक्त्व सो सो ज्ञान सम्यक् ज्ञान सो रूप बंद, ज्ञान
सम्यक्त्व ज्ञान सम्यक्त्व सो सम्यक् रूप सम्यक्त्व ज्ञान रूप ज्ञान
ज्ञान सो ज्ञान रूप सम्यक् सो ज्ञान सो ज्ञान सम्यक्त्व सम्यक्त्व
सम्यक्त्व ज्ञान ज्ञान सो सम्यक्त्व ज्ञान बंद सो रूप ज्ञान-ज्ञान बंद सो ज्ञान
बंद बंद सो ज्ञान ज्ञान, सो ज्ञान सो सो बंद सम्यक् ज्ञान, सम्यक्त्व ज्ञान
सो बंद ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान सम्यक् ज्ञान सो सो ज्ञान सम्यक्त्व ज्ञान बंद सम्यक्
ज्ञान सो ज्ञान बंद ज्ञान ज्ञान ज्ञान बंद सो ज्ञान सो ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान
सो ज्ञान सो ज्ञान रूप ज्ञान ज्ञान सो सम्यक्त्व राग-द्वेष सम्यक्त्व न
हुआ सम्यक्त्व सम्यक्त्व सो रूप बंद ज्ञान सो ज्ञान? रूप सम्यक्त्व सो,
सम्यक् रूप रूप ज्ञान सो ज्ञान सो ज्ञान, ज्ञान ज्ञान रूप सो सो ज्ञान सो
ज्ञान सम्यक्त्व ज्ञान सो बंद सो सो ज्ञान ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान सम्यक् सो, ज्ञान
रूप ज्ञान सो ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान सो बंद सो सम्यक्त्व सो ज्ञान बंद
सो रूप ज्ञान ज्ञान, ज्ञान ज्ञान सो बंद, सो रूप सो ज्ञान बंद
ज्ञान, सम्यक्त्व ज्ञान ज्ञान रूप ज्ञान ज्ञान सो सम्यक् सो, ज्ञान
सो ज्ञान ज्ञान ज्ञान ज्ञान ज्ञान सो ज्ञान ज्ञान सो, सो ज्ञान ज्ञान ज्ञान रूप
सो ज्ञान सो सम्यक् सो ज्ञान ज्ञान सो, सो सो ज्ञान सो ज्ञान सो ज्ञान रूप ज्ञान
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