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सर्वकोश
न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

Nyayamanjari of Jayanta Bhatta Part 1

आचार्य जयन्त भट्ट (सम्पादक: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished654 पृष्ठ

पृष्ठ 487, कुल 654 में से

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पृष्ठ 487

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वत्परिपूर्णावयविनिष्पत्तिः, इत्थं च तन्तुभिः पटः क्रियते न तन्त्ववयवैरंशुभिरि-
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Wait, इत्यथा? No, "इत्यर्थात्"?
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त्यथा ह्युत्तरोत्तरकार्यारम्भेऽपि? Or त्यन्यथा?
YES! इत्यन्यथा!
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