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सर्वकोश
न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

Nyayamanjari of Jayanta Bhatta Part 1

आचार्य जयन्त भट्ट (सम्पादक: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished654 पृष्ठ

पृष्ठ 311, कुल 654 में से

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पृष्ठ 311

:
इ त्य ल म ति च्छो दे न ॥
Yes! इत्यलमतिच्छोदेन ॥

  • Line 20: Section header:
    जातिसाधनोपसंहारः-
    Wait, after उपसंहारः:
    There is a dash - and two dots or hyphens: looks like :-·- or :- or :--.
    Let's see: जातिसाधनोपसंहारः-- or जातिसाधनोपसंहारः-

  • Verse 1 (Lines 21-22):
    बाह्यार्थविषय एवं व्यवहारो घटत इत्ययं कस्मात् ।
    Wait, घटत इत्ययं or घट इत्ययं?
    Look at: घ ट त?
    Wait, घटत? No! Look at:
    घ ट space इ त्य यं!
    Wait, is there a त?
    Let's look: घ ट then त?
    Wait, meter is:
    बाह्यार्थविषय एवं व्यवहारो घट इत्ययं कस्मात् ।
    Wait, meter of the verses:
    Let's check the meter:
    Line 21: