मुहूर्त चिन्तामणि (दैवज्ञ राम - षोडश संस्कार, यात्रा, वास्तु व गृह-प्रवेश मुहूर्त सटीक)
Muhurta Chintamani of Daivajna Rama with Commentary
दैवज्ञ राम (टीकाकार: पं. केदारदत्त जोशी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाहप्रकरण १०९
भक्ष्याः, तथा अलि विना सर्वे सिंहस्य वशे। अतः अन्यत् नराणां व्यवहारतः
ज्ञेयम् ॥ २३ ॥
सिंह राशि को छोड़ अन्य सब राशियाँ मनुष्य राशियों के अर्थात् मिथुन,
कन्या, तुला के वश में हैं; जल राशियाँ अर्थात् कर्क, मकर, कुम्भ, मीन
तो मनुष्य राशियों के भक्ष्य ही हैं; वृश्चिक राशि को छोड़ अन्य सब
राशियाँ सिंह राशि के वश में हैं और मेष, वृष, धनु तथा जलचर
राशियों का परस्पर वश्यावश्यत्व मनुष्यों के व्यवहार से जानना
चाहिए ॥ २३ ॥
ताराकूट
कन्यार्क्षाद्वरभं यावत्कन्याभं वरभादपि ।
गणयेन्नवहृच्छेषे त्रीष्वद्रिभमसत्स्मृतम् ॥ २४ ॥
अन्वयः—कन्यार्क्षात् वरभं यावत् गणयेत्, अपि (तथा) वरभात्, कन्याभं यावत्
गणयेत् (ततः) नवहृच्छेषे त्रीष्वद्रिभं असत् स्मृतम् ॥ २४ ॥
कन्या