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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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वैष्णव-प्रभाव द्योतक पद २६७
वृन्दाबन नी कुज गली माँ वा'ला, बेठा छे मुख मोरली धटी ने ।
मीराँ के प्रभु गिरधर ना गुण वा'ला, अमोरहया छे ऑसडा१ मरी ने ।
॥४७७॥†
२२
शामले मेल्याँ ते विसारी, ओधवने वा'ले शामले ते मेयाँ विसारी ।
प्रीत करीने पालव पकडो वा'ला, प्रेम नी कटारी मुने मारी ।
गोकुल थी मथुरामाँ गया छो वा'ला, कुब्जा से लागी छे ताली ।
मीराँ बाई के प्रभु गिरधर ना गुण, चरण कमल बलिहारी ॥४७८॥†
२३
लालने लोचनीए दिल लीधाँरे, माडी मारा, लालने लोचनीए दिल लीधाँ रे ।
जत्र मणी वा'लो मुझ पर डारे वा'लो, वेला कबेलाजाँ कामण मने कीधाँ रे ।
जल जमना ना जल भरवाँ गयाँ ताँ वा'ला, घुंघटड़ा माँ घेरी लीधाँ रे ।
चुन चुन कलिया वाली सेज बनावुँ वाहला, भ्रमर पलग सुख लीधाँ रे ।
मीराँ बाई के प्रभु गिरधर ना गुण, चरण कमल मे चित्त चोरी लीधाँ रे ।
॥४७९॥†
२४
लेशे रे महीडाँ केरा दान आ तो मोढुं, लेरो रे महीडा केराँ दाण ।
अमो अबला कइ सबल सुवालाँ वा'ला, आवड़ी शी खेचा ताण ।
नन्दना घरना गोवालियो रे, ओलख्या बिना रे अभ्रु माण ।
मधराते मथुराथी रे नांठो, ते तो अमणे न थी रे अजाण ।
वृन्दावन ने मारगे जाताँ, तुँ तो शेणे माँगे छे रे दाण ।
मीराँ के प्रभु गिरधर ना गुण, चरण कमल नु चित्तडा मे ध्यान ॥४८०॥†
२५
कोने२ कोने कहुँ दिलडानी बात, वारे वारे कोने कोने केहुँ ।
पॉडवनी प्रतिज्ञा पाली, द्रौपदी नी राखी लाज रे,
१ आशा, २ किसको ।