मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)
Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
पृष्ठ 212, कुल 866 में से
संदर्भ में पढ़ेंखोज है कि हेमाइट लोग काकेशस वंशके हैं और सफेदसे भूरे और काले रगके
हो गये हैं । उनके बाल सीधे और नीग्रो जातिके-से घुँघराले होते हैं ।
"हेमिटिक शाखाके लोग मिस्रमें रहते हैं । विद्वानोंने यह भी स्वीकार किया
है कि अमेरिकाके लाल रंगवाले मूल निवासियोका मिलान मिस्रनिवासी हेमिटिकोंसे
ही होता है । इन्हीकी एक हिमेगाडत जाति लाल मनुष्य भी कहलाती है । यह
जाति जिस समुद्रके किनारे रहती है, उसे भी लाल सागर कहा जाता है । श्वेतांग
यूरोपियन भी अपनेको काकेशिक विभागके ही कहते हैं । इस तरह लाल, पीले,
काले और सफेद रंगके चारो समुदाय काकेशिक विभागसे ही उत्पन्न हुए देखे
जाते हैं । दूसरी खोज यह है कि संसारके जितने मनुष्य हैं, सब हेमिटिक और
सेमिटिक शाखाओंमें अन्तर्भूत हो जाते हैं । मिस्रनिवासी हेमिटिक हैं । इनके यहाँ मुदोंमें
मसाला भरकर रखनेका रिवाज था । मिस्रके पिरामिड इन्हीं मुदोंको रखनेके
लिये बनाये जाते थे । अब पता चलता है कि अमेरिकाके लाल रंगवाले मूल-
निवासियोंमें भी यही रिवाज था । अन्वेषकोंको यहाँ भी पिरामिड मिले हैं ।
इससे इन दोनोंकी एकता ही प्रतीत होती है ।
"काकेशस विभागकी दूसरी शाखा सेमिटिक है । इसमें अरब, बेबिलोन,
सीरिया और जुडियाके यहूदी आदि सम्मिलित हैं । इसीकी एक शाखा अब
हिट्टाइट है, जो पहले कभी मेसोपोटामियोंमें रहा करती थी । मेसोपोटामियोंमें
अन्वेषकोंको ३४ सौ वर्षकी ईंटे मिली हैं, जिनमें इनके सुलहनामे लिखे हुए
हैं । इन्ही लोगोंका एक दल भारतवर्षमें रहता है, जिसे 'द्रविड़' कहते हैं ।
भारतके द्रविड़ोंकी भाषा मंगोलिक और निग्रो विभागोंको जोड़ती है । भाषा ही
: नहीं, उनका रूप, रग और शारीरिक गठन भी एक ही है । विद्वानोंने पता
लगाया है कि भारतके द्रविड़ोंकी भाषा आस्ट्रेलियाकी भाषाकी भाँति है और वह
भाषा मंगोलिक विभागसे भी मिलती है । आस्ट्रेलियानिवासी शुद्ध निग्रो जातिके
हैं, जो द्रविड़ जातिसे भी सम्बन्ध रखते हैं । इसी तरह मगालिक-विभागसे भी
द्रविड़ लोग सम्बन्ध रखते हैं । इन सब बातोसे द्रविड़ जाति निग्रो और
मंगोलिक विभागोको जोड़कर अपना मूल स्रोत सेमिटिक शाखासे स्थापित करती
है । इसी तरह हेमिटिक शाखा अमेरिकाके मूल निवासियोंको जोड़ती है । इस
तरह काकेशिक विभागके हेमिटिक और सेमिटिक शाखाओसे ही मंगोलियन्,
अमेरिकन और निग्रो विभागोका सम्बन्ध सूचित होता है । इस तरह ससारके
काले, पीले, लाल और सफेद रगवाले चारो विभाग काकेशिक विभागकी हेमिटिक
और सेमिटिक शाखाओसे ही उत्पन्न हुए हैं ।"
वस्तुतः नूहका तूफान, वैवस्वत मनुकी मछलीवाली कथाका अनुवाद है । नूहके
पुत्र हेमकी संतति, जो मिस्रमें रहती है, अपना सम्बन्ध राजा मनुसे बतलात