मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)

मानसार शिल्पशास्त्र (प्रसन्ना कुमार आचार्य - प्राचीन भारतीय स्थापत्य, नगर-नियोजन व मूर्ति-शिल्प महाकोश)
Manasara on Architecture and Sculpture by P.K. Acharya
मानसार ऋषि (अनुवादक: डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished856 पृष्ठ
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तद्विस्तारं द्विदण्डेन कुम्भतुङ्गं द्विदण्डकम् ॥ ३७ ॥ -
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तद्विस्तारं त्रिदण्डं स्यात्तदर्धं वास्य तुङ्गकम् । -
L25:
तत्पादस्याग्रके कुर्यान्नासिकापञ्जरान्वितम् ॥ ३८ ॥
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शक्तिध्वजै(जमे)कदण्डं स्यान्नासितुङ्गं द्विदण्डकम् ।
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