कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २३६ )
formed by uttering seven words ' or ' by walking
over seven steps together' i e., friendship. The
word has lost literal sense and is used for friend-
ship. It is regularly formed to indicate this
meaning by the Sutra "साप्तपदीनं सख्यम्"।
Q. III. Explain any two of the following with
reference to the context in Hindi and English or
Sanskrit :—
(a) क ईप्सितार्थस्थिर निश्चयं मनः पयश्च निम्नाभिमुखं
प्रतीपयेत्।
(b) न धर्म वृद्धेषु वयः समीक्ष्यते।
Ans. (a) जब पार्वती जी ने शंकर जी को पाने के वास्ते कठोर
तप करने का विचार कर लिया और अपनी माता
के बहुत समझाने पर भी न माना उस समय कवि
अपना यह वक्तव्य प्रकट करता है—चाही हुई वस्तु के
लिये दृढ़ निश्चय वाले मन को और नीचे की
ओर जाते हुये जल को कौन पलट सकता है। भाव
यह है कि जिस प्रकार जल जो नीचे की ओर बह
रहा है नहीं रोका जा सकता उसी प्रकार यदि
किसी व्यक्ति ने किसी वस्तु के पाने का दृढ़ संकल्प
कर लिया है तो उसके मन को भी कोई नहीं रोक
सकता। इसमें अर्थान्तरन्यास अलंकार है। when
Párvati made up her mind to perform penance
to get Shiva for her husband, her mother
tried her best to dissuade her from her