कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १५१ )
णिच्+लङ् ) made them weep. Causal Imperfect of
√रुद् ।
In this verse there is a reference to मूर्च्छावस्था
( the state of being unconscious ) or, according to
others प्रलापावस्था ( i. e., singing in praise of one's
beloved ). 56.
CHANGE OF VOICE :—अनया पिनाकिनः चरिते उपात्त-
वर्णे सबाष्पकण्ठस्खलितैः पदैः वनान्तसंगीतसख्यः किन्नरराज-
कन्यकाः अरोद्यन्त ॥ ५६ ॥
HINDI TRANSLATION :—महादेव की वीरता के गीतो के
गाने पर यह अश्रुसहित ( गद्गद ) कण्ठ से अस्पष्ट निकलने
वाले शब्दों के द्वारा वन प्रदेश में साथ गाने वाली अपनी
सहेलियों, किन्नर राजाओं की कन्याओं को बार बार रुलाती
थी ॥ ५६ ॥
ENGLISH TRANSLATION :—She made ˙many a time
the daughters of the Kinnara kings, her companions
in the music ( sung ) in the woods, burst into tears, by
her words, faltering in the throat choking with tears,
while the exploits of the Pinaka-holder were being
sung 56
PURPORT IN SANSKRIT :—शिवप्रीतिमग्ना पार्वती वन-
प्रदेशेषु गत्वा शिवस्तुतिगीतान्यगायत् , परं मध्य एव शिवविषयक-
भावेनाभिभूता गद्गदकण्ठाभूत् गातुञ्चासमर्था अश्रुपूर्णनेत्रावर्तत ।
तस्या इमां करुणां दशाञ्चावलोक्य किन्नराणां राजपुत्र्यस्तत्सख्योऽ-
त्यन्तं अरोदिषुः ॥ ५६ ॥