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सर्वकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

पृष्ठ 359, कुल 828 में से

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पृष्ठ 359

first word after *:
It starts with क... wait, does it have an र on top?
Wait, it looks like कर्कन्धु or कर्कन्धू!

Line 29:
† काथ । कुटज । इत्याधिकं कुत्र चित् ।
Wait, is it काथ or क्वाथ?
Look at † क्वाथ: क ् व ा थ = क्वाथ! Yes, क्वाथ । कुटज । इत्याधिकं कुत्र चित् ।

Line 30:
‡ नवमालिका पा० २ ।

Line 31:
§ नखरञ्जनी । पा० २ ।

Line 32:
‖ शाल्लकट्टी । पा० २ ।
(In L27 it's शल्लकक्षी, footnote has शाल्लकट्टी)

Let's re-read footnote 1 (Line 28):
* कर्कन्धु । पा० २ द्वितीयपुस्तके कर्कन्धू । पा० २ ।
Wait, the second occurrence has long ू or the first?
Let's look at the first: कर्कन्धु or कर्कन्धू?
Actually, let's transcribe it accurately.
It says: `* कर्कन्धु । पा० २ द्वितीयपुस्तके कर्कन्धू । पा०