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सर्वकोश
करणकुतूहलम् (भास्कराचार्य द्वितीय - सुमेध हिन्दी व्याख्या सहित पञ्चाङ्ग एवं ग्रह-गणित)

करणकुतूहलम् (भास्कराचार्य द्वितीय - सुमेध हिन्दी व्याख्या सहित पञ्चाङ्ग एवं ग्रह-गणित)

Karanakutuhalam of Bhaskaracharya with Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय (टीकाकार: पं. रामचन्द्र पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished155 पृष्ठ

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पृष्ठ 155

( १५६ ) जाहिरात ।
नाम. की. रु. आ.
मुहूर्त्तगणपति ... ... ... ... ... ... ०-१२
मुहूर्त्तमार्त्तण्ड संस्कृत टीका व भाषाटीका सहित... ... १-०
शीघ्रबोधभाषाटीका ... ... ... ... ... ०-६
षट्पंचाशिका भाषाटीका... ... ... ... ... ०-३
भुवनदीपक सटीक ४ आं०, तथा भाषाटीका ... ... ०-८
जैमिनिसूत्रसटीक चार अध्यायका ... ... ... ०-६
रमलनावरत्न मूल ... ... ... ... ... ... ०-८
केशवीजातक सोदाहरण भाषाटीका चक्रों समेत ( अतिव-
उपयोगी ) ... ... ... ... ... ... १-८
सर्वार्थचिंतामणि ... ... ... ... ... ०-१०
लघुजातकसटीक ... ... ... ... ... ०-५
लघुजातक भाषाटीका ... ... ... ... ... ०-८
सामुद्रिकभाषाटीका ... ... ... ... ... ०-४
सामुद्रिकशास्त्र बड़ा सान्वय भाषाटीका ... ... ... १-४
वृद्धयवनजातक भाषाटीकासह ... ... ... ... १-०
यवनजातक ... ... ... ... ... ... ०-२
संपूर्ण पुस्तकोंका “बड़ासूचीपत्र” अलग है, आध
आनेका टिकट भेजकर मँगालीजिये.
पुस्तकोंके मिलनेका पता—
खेमराज श्रीकृष्णदास,
“श्रीवेङ्कटेश्वर” छापाखाना, खेतवाड़ी-बंबई.