कालिका पुराण (सटीक हिन्दी अनुवाद सहित)
Kalika Purana with Hindi Translation
महर्षि व्यास द्वारा
स्रोत: कल्याण मन्दिर प्रयाग · कल्याण मन्दिर प्रयाग (उद्गम)
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श्रीकाली चालीसा
दोहा-जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज ।
वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय-निकुंज ॥
जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि ।
कृपा करहु वरदायिनी, निज सेवक अनुमानि ॥
जय जय जय काली कंकाली । जय कपालिनी, जयति कराली ॥
शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा । जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा ॥
आर्या, हला, अम्बिका, माया । कात्यायनी उमा जगजाया ॥
गिरिजा गौरी दुर्गा चण्डी । दाक्षाणायिनी शाम्भवी प्रचंडी ॥
पार्वती मंगला भवानी । विश्वकारिणी सती मृडानी ॥
सर्वमंगल शैल नन्दिनी । हेमवती तुम जगत वन्दिनी ॥
ब्रह्माचारिणी कालरात्रि जय । महारात्रि जय मोहरात्रि जय ॥
तुम त्रिमूर्ति रोहिणी कालिका । कूष्माण्डा कार्तिकी चण्डिका ॥
तारा भुवनेश्वरी अनन्या । तुम्हीं छिन्नमस्ता शुचिधन्या ॥
धूमावती षोडशी माता । बगला मातंगी विख्याता ॥
तुम भैरवी मातु तुम कमला । रक्तदन्तिका कीरति अमला ॥
शाकम्भरी कौशिकी भीमा । महातमा अग जग की सीमा ॥
चन्द्रघण्टिका तुम सावित्री । ब्रह्मवादिनी माँ गायत्री ॥
रुद्राणी तुम कृष्ण पिंगला । अग्निज्वाला तुम सर्वमंगला ॥
मेघस्वना तपस्विनि योगिनी । सहस्त्राक्षि तुम अगजन भोगिनी ॥
जलोदरी .सरस्वती डाकिनी । त्रिदशेश्वरी अजेय लाकिनी ॥
पुष्टितुष्टि धृति स्मृति शिव दूती । कामाक्षी लज्जा आहूती ॥
महोदरी कामाक्षि हारिणी । विनायकी श्रुति महा शाकिनी ॥
अजा कर्ममोही ब्रह्मणी । धात्री बाराही शर्वाणी ॥
स्कन्द मातु तुम सिंह वाहिनी । मातु सुभद्रा रहहु दाहिनी ॥
नाम रूप गुण अमित तुम्हारे । शेष शारदा बरणत हारे ॥
तनु छवि श्यामवर्ण तव माता । नाम कालिका जग विख्याता ॥
अष्टदश तव भुजा मनोहर । तिनमहं अस्त्र विराजत सुंदर ॥
शंख चक्र अरु गदा सुहावन । परिघ भुशुण्डी घण्टा पावन ॥
शूल बज्र धनुबाण उठाये । निशिचर कुल सब मारि गिराये ॥
शुंभ निशुंभ दैत्य संहारे । रक्तबीज के प्राण निकारे ॥