कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished766 पृष्ठ
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- the letter has a loop/tail:परखेउ धोखा-! Yes, it's definitely परखेउ. Wait, let's look at परखेउ: प र ख े उ. Yes, उ`.
भेवनिज, गुरुकी दयाउवार ॥८॥ रमैनी ॥ पहिले एकशब्द-
समुदाय ॥ बावनरूपधरेछितराय ॥ इच्छा नारिधरेतेहिभेश॥
तातेब्रह्मा विष्णुमहेश ॥ चारिउ उरपुरबावनजागे ॥ पंच अठ-
रह कंठहिलागे ॥ तालू पंचशुन्यसोआय ॥ दसरसनाके पूत-
कहाय॥पांचअधर अधरहीमारहै॥शुन्नेकंठसमोधेवहै॥ ओठकें-
ठेलेप्रगटे ठौर ॥ बोलनलागे औरकेऔर ॥ साक्षी ॥ एक-
शब्द समुदायजो, जामेचार प्रकार ॥ कालशब्द सें-
५१ पांचतत्व ॥ देखो रमैनी ३ । १० इत्यादि ॥ ५३ कहां ॥ ५४ भेद ॥
५५ शोक दुख, ॥ ५६ कहने में जो नहीं आवे ॥ ५७ कला अंश रहित ॥
५८ इच्छा रहित ५९ बाद