कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंश्रीः ।
अर्पणपत्रिका.
श्रीमान् गो ब्राह्मण प्रतिपालक, बघेलकुलतिलक, अवनीश,
बान्धवेश, रीवाँधिपति, प्रजाप्रिय, धर्मपरायण, सिद्धि श्रीमन्महा-
राजाधिराज श्री १०८ श्रीमहाराज श्रीसीताराम कृपापात्राधिकारी
श्रीसरवेङ्कटरमण रामानुज प्रसाद सिंहजू देव बहादुर ( जी. सी.
एस. आई. ) के कर कमलोंमें—
श्रीमानकी मुझ अकिञ्चनपर पूर्ण कृपा है । श्रीमान्
सच्चे देशहितैषी, धर्महितैषी, जातिहितैषी, और हिन्दीहितैषी
हैं । श्रीमान्का सनातन धर्म पर अनुराग वंशपरम्परासे चला
आता है । श्रीमान्के पूर्वजोंमें अच्छे २ कवि, अच्छे २ शासक,
और अच्छे २ धर्मनिष्ठ होगये हैं । इसप्रकारके अनेक सद्गुणोंसे
मुग्ध होकर श्रीमान्के पितामह श्रीसाकेतवासी श्रीमन् महाराजा-
धिराज श्रीमहाराज श्रीविश्वनाथ सिंहजू देव बहादुर विरचित श्री
कबीर साहबके बीजककी पाखण्डखण्डनी टीका जो श्रीमान्कीही
आज्ञासे छापी गयी है. श्रीमान्हीके करकमलोंमें अत्यन्त नम्रतासे
परम सम्मान पूर्वक अर्पण करता हूँ । अर्पण क्या करताहूँ आपकी-
ही वस्तु आपकी सेवामें रखकर कृपाकी अभिलाषा करताहूँ ।
श्रीमान्का विनयावनतसेवक—खेमराज श्रीकृष्णदास,
“ श्रीवेङ्कटेश्वर ” ( स्टीम् ) यन्त्रालयाध्यक्ष—बंबई.