कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)
Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary
सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंष्टीहैं ताके रोमरोममें अनंतकोटि ब्रह्माण्ड हैं। तहँते अनेक ब्रह्माण्डकी उत्पत्ति
होइ हैं औ तहँ महाप्रलयमें लीन होइ हैं औ दूसरे सत्यलोकमें जो महा-
शम्भुको वर्णनकियो सो परमगुरुको रूपहै। तामें प्रमाण ॥ “वंदेशंभुंजगद्गुरुं”
औ गुरुसों औ साहबसों अभेदतामें प्रमाणहै ॥ “ आचार्यंमाविजानीयान्नाव-
मन्येतकर्हिचित् इतिभागवते ” औ महाशंभुसों औ महाविष्णुसों अभेदहै तामें-
प्रमाण “ शिवस्यश्रीविष्णोर्यैह गुणनामादिसकलं धिया भिन्नंपश्येत् स ख-
ल्हरिनामाहितकरः ॥ इति स्कंदपुराणे ॥ ” औ नारायण जे वर्णन करिआयें
तेऊ श्रीरामचन्द्रईके रूपहैं तामे प्रमाण ॥ सदाशिवसंहितायाम् ॥ “ वासुदेवो
घनीभूतं तनुतेजो महाशिवः ॥ ” औ गोलोकमें श्रीकृष्णरूपते रघुनाथजी
विहारकरैं औ गोलोकके मध्यसाकेतमें रामरूपते रघुनाथजी विहारकरैं हैं
तामेंप्रमाण सदाशिवसंहिताके बिस्तारते वर्णन करिआये कि, पश्चिमद्वार वृन्दावन
है, उत्तरद्वार जनकपुर है, पूर्वद्वार आनंदबन है, दक्षिणद्वार चित्रकूट है ताके-
आगे यहलोक है तेहिते इहां प्रयोजनमात्र लिख्यो है ॥ “ तेषांमध्ये पुरंदिव्यं
साकेतमितिसंज्ञकम् इति ॥ ” औ साकेत ऊपर कछु नहीं है औ साकेत औ
अयोध्या सत्यासत्य लोक इत्यादिक नाम सब वही लोकके पर्यायहैं तामेंप्रमाण॥
“साकेतान्परंकिंचित्तेदवहिपरात्परम् ॥ ” औ गोलोकजे श्रीकृष्णचन्द्र हैं तेईश्री
रामचन्द्रईके महत॥“सीतारामात्मकं युग्मंमाविशन्प्रतिपूर्वकम् ॥ १॥” श्रीजानकीजी
श्रीरघुनाथजीसों कह्यो कि, वृन्दावनको बिहार करिये, तब रघुनाथजी कह्यो जब
तुम कह्यो तैं एक दूसरा बिहारस्थल बनाइये तब हम वृन्दावन बनायो, राधि-
का तुमभई कृष्णहमभये। सो बिहार करते भये सो हमारई, तुम्हाररूप राधाकृ-
ष्णहैं । या कहिकै आकर्षण करिकै वृन्दावन बोलाइलियो । राधाकृष्ण आइगये
तब राधिकाजी जानकीजीमें लीनभई श्रीकृष्णचंद्र रामचंद्रमें लीनभये । अरु
पुनि बिहारकियो जब बिहार करिचुके तब जानकी रघुनाथ ते निकसिकै बृन्दा
बन समेत राधाकृष्ण चलेगये गोलोकको । सो यह कथा शुकसंहितामें है ताको
एक इलोक लिख्यो है औ विस्तारसे देखिलीजयो । तेई श्रीकृष्णके नखके
प्रकाश ब्रह्म है वहीप्रकाशको मुसल्मान लामकान कहै हैं । औ जे दशमुकाम
रेखतामें कहिआये औ दश वोई मुकाम सदाशिवसंहितामें वर्णन करिआर्ये
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