सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

कबीर बीजक (सन्त कबीर साहिब - हंसदास शास्त्री कृत सविस्तार हिन्दी टीका सहित)

Kabir Bijak with Comprehensive Hindi Commentary

सद्गुरु कबीर साहिब (टीकाकार: हंसदास शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished766 पृष्ठ

पृष्ठ 260, कुल 766 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 260

( २१० ) बीजक कबीरदास ।
रघु जीवको कहै हैं ते रघुशब्दकै ( व्युत्पत्तीरंवतेलोकाल्लोकांतं गच्छंति रववो-
जीवास्तेषांनाथः ) अर्थ लोकते और लोक जाय ते जीवरघु हैं तिनके नाथजे
हैं तेई रघुनाथ हैं ॥ ७ ॥
गोपी ग्वाल गोकुल नहिं आये करते कंस न मारा ।
है मेहरवान सबनको साहब नहिं जीता नहिं हारा ॥ ८ ॥
औ गोपी ग्वाल गोकुल में कबहूं नहीं आये हैं वे उद्धारकर्त्ता साहब कंसको
करतेनहीं मारयो औ न मथुरागये काहेते कि ब्रह्म वैवर्त्तमें लिखा है। ( वृन्दावनं-
परित्यज्यपादमेकंनगच्छति ) ॥ वे साहब तो सबके ऊपर मेहरबानी करनवारे
हैं वे न काहूसों जीते हैं न हारे हैं न काहूको मारे हैं अर्थात् युद्धई नहीं कियो
वेतौ रासई करत रहे हैं ॥ ८ ॥
वे कर्त्ता नहिं बौद्ध कहावैं नहीं असुरको मारा ।
ज्ञानहीन कर्त्ता भरमे माया जग संहारा ॥ ९ ॥
वेकर्त्ता नहिं भये कलकी नहीं कलिगहि मारा ।
ई छल बल सब मायै कीन्हा यतिन सतिन सब टारा १०
अरु बौद्धरूप ह्वैकै दैत्यनको नास्तिक मतसिखै दैत्यनको संहार कराइ
डारयो है सो सबमाया कियो है बे मुक्तिकर्त्ता साहब नहीं कियो । काहेते कि
वे मुक्तिकर्त्ता साहब देवको निन्दा करिकै इनको अज्ञानी कैसे करेंगे । सो
ज्ञानहीन जे हैं भ्रमै, ते यह कहै हैं कि, यह सब उद्धार कर्त्ता जो है सोई सब
करै है सो कर्त्ता नहीं करै है यहमाया सब जगत्को संहारकरै है ॥ ९ ॥ अरु
वे उद्धारकर्त्ता परम परपुरुष श्रीरामचन्द्र कलकी अवतार नहींलियो औ न
कलिंग देशी जे म्लेक्ष हैं तिनको मारयो है यह छलबल सबमायै कियो है ।
यतिनको जो है सत्य सबताको टारिदियो है अर्थात् यती जे रहे संन्यासी
गोरखादिक तिनकर सत्य जो है साहबको जाननवारो मत तौनेको टारिदियौ
योगादिकनमें लगाइदियो ॥ १० ॥