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जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished588 पृष्ठ

पृष्ठ 76, कुल 588 में से

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पृष्ठ 76

" or "वचनपद्धतवस्तुरअमसौलभ्यं"?
Yes, "भ्यं"!

Now let's check line 35-36:
(६) सङ्गीतसाहित्यकलाकलापप्रह्लादकान्तारतिगीतवाद्यम् ।
कलत्रसौन्दर्यविनोदविद्याबलानि वीर्याणि कवेः सकाशात् ॥ ६ ॥
Wait, let's check line 35:
सङ्गीतसाहित्यकलाकलापप्रह्लादकान्तारतिगीतवाद्यम् ।
Wait, is it "प्रह्लाद" or "प्रह्राद"?
Look at L35:
प्र - ह् - ल - ा - द = "प्रह्लाद" (ह् with ल subjoined: ह्ला).
कान्ता (wife) - रति (pleasure) - गीत - वाद्यम् ।
कलत्र - सौन्दर्य - विनोद - विद्या - बलानि वीर्याणि कवेः सकाशात् ॥ ६ ॥

Now let's check line 37-38:
(७) लोभमोहविषयानिलपीडा दुर्गतित्वपरवञ्चनशक्तिः ।
मन्दतो निधनयोगविचारो जीवनं च खलु जीवनवृत्तिः ॥ ७ ॥

Let's double-check all lines carefully from the top:

Line :
(१)